दारा सिंह फर्जी मुठभेड़ मामले में फंसे पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक राजेन्द्र राठौड़ को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है। जयपुर की निचली अदालत ने सीबीआई के राठौड़ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई 31 अक्टूबर तक टाल दी है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद राजेंद्र राठौड़ ने सरेंडर नहीं किया था। ऐसे में सीबीआई ने निचली अदालत में राठौड़ के खिलाफ गिरफ्तार वारंट जारी करने और डीजीपी को उस पर अमल करने का आदेश देने की अपील की थी।
सीबीआई और राठौड़ के वकील की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई 31 अक्टूबर तक टाल दी है। राठौड़ के वकील अजय कुमार जैन ने कहा कि सीबीआई कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर रही है। कोर्ट ने तुरंत सरेंडर करने को नहीं कहा था। अदालत ने अपने फैसले में 'फॉरबीथ' शब्द का उपयोग किया है जिसका मतलब अपील मियाद निकलने के बाद होता है।
उधर राठौड़ ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर दी है। मामले में एकतरफा सुनवाई नहीं हो सके, इसके लिए सीबीआई ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर कर दी है।