राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव की तारीखों के एलान के बाद से विवाद शुरू हो गया है। एबीवीपी सहित कई छात्र संगठन चुनाव की टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई छात्रों का न तो अभी परीक्षा परिणाम आया है और न ही अब तक दाखिला हुआ है। ऐसे में यह छात्र चुनाव में भाग नहीं ले सकते। इस कारण चुनाव की तारीख आगे बढ़ाई जाए।
शनिवार को इस चुनाव में में राजनेताओं की एंट्री भी हो गई। जयपुर से भाजपा सांसद राम चरण बोहरा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक पत्र लिखकर छात्रसंघ चुनाव की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि अभी तक विश्वविद्यालयों में एडमिशन की प्रकिया पूरी नहीं हुई है। इस कारण सभी का चुनाव में भाग लेना संभव नहीं है, इसलिए चुनाव की तारीख को आगे बढ़ाया जाए।
इससे पहले शुक्रवार को एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री होशियार मीणा ने भी मुख्यमंत्री गहलोत को पत्र लिखा था। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि सरकार ने 26 अगस्त को छात्रसंघ चुनाव की घोषणा कर दी, पर आधे छात्रों का भी अब तक न एडमिशन हुआ है, न ही रिजल्ट का अता-पता है। ऐसे में सरकार में बैठे अधिकारी बताएं कि यह छात्र वोट कैसे दे पाएंगे? जब छात्र भाग ही नहीं लेगा तो कैसा चुनाव? आधी अधूरी तैयारी के साथ छात्रसंघ चुनाव कहीं किसी विशेष राजनीतिक पार्टी के छात्र संगठन को जिताने के लिए तो नहीं करवाए जा रहे है। अगर यही करना है तो अशोक गहलोत लोकतंत्र की दुहाई देना बंद करें और अपने छात्र संगठन के छात्रसंघ अध्यक्ष मनोनीत कर दें।
इस दिन होंगे चुनाव?
उच्च शिक्षा विभाग ने बीते शुक्रवार को छात्रसंघ चुनाव की तारीख की घोषणा कर दी थी। विभाग के आदेश के अनुसार मतदाता सूचियों का प्रकाशन 18 अगस्त को किया जाएगा। 20 अगस्त को फाइनल सूची जारी की जाएगी। 22 अगस्त को उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, साथ ही दावे और आपत्तियां भी लगाई जा सकती हैं। 23 अगस्त को नॉमिनेशन लिस्ट जारी की जाएगी, इस दिन उम्मीदवार अपना नामांकन भी वापस ले सकेंगे। 26 अगस्त को चुनाव के लिए वोटिंग होगी और 27 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम जारी किए जाएंगे।