एनटीसीए से अनुमिति मिलने के बाद वन विभाग ने मंगलवार सुबह रणथंभौर के खूंखार टाइगर टी-104 को उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के लिए रवाना कर दिया। जानकारी के मुताबिक, टाइगर टी-104 को शिफ्ट करने के लिए सुबह करीब छह बजे वन विभाग की टीम रणथंभौर के भिड़ नाका स्थित एनक्लोजर पर पहुंची और एनक्लोजर में टाइगर की ट्रैकिंग शुरू की।
वन विभाग की टीम को करीब 6.30 बजे एनक्लोजर में टाइगर नजर आया, जिस पर वन विभाग की टीम ने टाइगर को 6.35 बजे ट्रेंकुलाइज किया और 6:40 पर टाइगर का स्वास्थ्य परीक्षण शुरू हुआ। ट्रेंकुलाइज करने के बाद रणथंभौर और उदयपुर की वेटरनरी डॉक्टर्स की टीम ने टाइगर का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद टाइगर टी-104 को पिंजरे में शिफ्ट कर दिया गया। वन विभाग की टीम द्वारा गर्मी के मौसम को देखते हुए टाइगर के पिंजरे में बर्फ की सिल्लियां भी लगाई, जिसके बाद वन विभाग की टीम करीब आठ बजे सड़क मार्ग से टाइगर को उदयपुर के सज्जनगढ़ बायलॉजिकल पार्क के लिए लेकर रवाना हो गई। इस दौरान रणथंभौर टाइगर रिजर्व के सीसीएफ सेडूराम यादव, डिएफओ मोहित गुप्ता, रेंजर रामखिलाड़ी मीणा, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के डिएफओ संजीव शर्मा, रणथंभौर के वेटरनरी ऑफिसर डॉ. सीपी मीणा, डॉ. राजीव गर्ग और रेस्क्यू टीम प्रभारी राजवीर सिंह सहित कई वनकर्मी मौजूद रहे।
टाइगर शिफ्टिंग की खबर को वन विभाग ने छुपाकर रखा...
रणथंभौर से टाइगर शिफ्टिंग की खबर को वन विभाग द्वारा छिपाया गया। इस दौरान वन विभाग की ओर से मीडिया को किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं दी गई। मामले को लेकर रविवार से ही मीडिया की ओऱ से वनाधिकारियों से मामले की जानकारी लेनी चाही, लेकिन इस दौरान वनाधिकारी जानकारी देने से बचते रहे। वनाधिकारियों द्वारा इस बार भी गुपचुप तरीके से टाइगर शिफ्टिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया गया और जंगल के रास्ते ही टाइगर को सवाई माधोपुर से बाहर निकाला गया। रणथंभौर का टाइगर टी-104 अब उदयपुर के सज्जनगढ़ में रहेगा। इससे पूर्व रणथंभौर के उस्ताद टी-24 को भी सज्जनगढ़ शिफ्ट किया गया था। टाइगर के सज्जनगढ़ में शिफ्ट होने से वन विभाग को डर था कि कहीं सज्जनगढ़ के आसपास के लोग विरोध न कर दें।