राजस्थान के 22 जिलों के 48 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए होने वाले उपचुनाव के लिए कुल 130 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी चित्रा गुप्ता ने मंगलवार को बताया कि कुल 48 ग्राम पंचायतों में से 8 ग्राम पंचायतों में कोई नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया जबकि 6 ग्राम पंचायतों के लिए उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। इस तरह शेष 34 ग्राम पंचायतों में 130 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी चित्रा गुप्ता ने बताया कि उम्मीदवारों के लिए चुनाव चिह्नों का आवंटन कर दिया गया है। 25 जुलाई को प्रातः 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक मतदान किया जाएगा। वोटों की गिनती मतदान समाप्ति के तुरंत बाद होगी। उन्होंने मतदाताओं से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मतदान करने की अपील की है।
बता दें कि राजस्थान की एक स्थानीय अदालत ने भाजपा के विधायक अमृत लाल मीणा को सरपंच के चुनाव में अपनी पत्नी की फर्जी मार्कशीट पेश करने के मामले में जेल भेज दिया था।
सारडा के पुलिस उपाधीक्षक डी एस चूंडावत ने कहा कि विधायक ने सोमवार को सारडा की अदालत में आत्मसमर्पण किया। उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज की और उन्हें 23 जुलाई तक जेल भेजा गया था।
अधिकारियों के मुताबिक, विधायक पर आरोप है कि उन्होंने 2015 में सरपंच पद के चुनाव में अपनी पत्नी की फर्जी अंकतालिका पेश की थी। मीणा इस समय उदयपुर जिले की सलूंबर विधानसभा से विधायक हैं।
पांचवीं पास की लगाई थी फर्जी मार्कशीट
अधिकारियों के अनुसार मीणा ने सेमड़ी ग्राम पंचायत में सरपंच पद के चुनाव में अपनी पत्नी के दस्तावेजों पर अभिभावक (गार्जियन) के रूप में हस्ताक्षर किए थे। यह कथित फर्जी अंकतालिका कक्षा पांच की थी। इस मामले में शांतादेवी के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया जा चुका है।
चूंडावत ने कहा कि मीणा की अंतरिम जमानत याचिका उच्च न्यायालय में खारिज हो गई थी। इसके बाद मीणा ने उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। न्यायालय ने मीणा से तीन सप्ताह में सारडा की अदालत में आत्मसमर्पण करने को कहा था।