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Rajasthan: यहां लग्जरी कारों में ‘सरकार’, आखिर कैसे हो रही सार्थियों की जिंदगी बेपटरी; चालकों का छलका दर्द

Thu, 19 Mar 2026 08:48 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए करोड़ों की लग्जरी गाड़ियां खरीदी जा रही हैं, लेकिन इन्हें चलाने वाले सरकारी चालक आज भी कम वेतन, पदोन्नति के अभाव और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
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चालक वर्षों से पदोन्नति, उचित वेतनमान और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की आवाजाही के लिए भले ही करोड़ों रुपये की लग्जरी गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रही हों, लेकिन इन वाहनों को चलाने वाले चालकों की स्थिति आज भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। स्टेट मोटर गैराज और विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत चालक वर्षों से पदोन्नति, उचित वेतनमान और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं।
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विभागों में पिछले कुछ वर्षों में 30 से 40 लाख रुपये तक की महंगी गाड़ियों जैसे फॉर्च्यूनर और इनोवा को शामिल किया गया है। इससे सरकारी परिवहन व्यवस्था आधुनिक तो हुई है, लेकिन इन गाड़ियों के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले चालकों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। चालकों का कहना है कि जहां सरकार अपनी सुविधाओं और संसाधनों को लगातार बढ़ा रही है, वहीं उनके हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है।



अखिल राजस्थान राज्य वाहन चालक एवं तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजयवीर सिंह ने इस मुद्दे को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि चालक 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहते हैं और वीआईपी ड्यूटी के कारण उन्हें कभी भी बुलाया जा सकता है, इसके बावजूद उन्हें उनकी जिम्मेदारी के अनुरूप वेतन, हार्ड ड्यूटी भत्ता, मेष भत्ता और बीमा जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
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इनके लिए सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर चिंता का विषय
सबसे बड़ी समस्या पदोन्नति को लेकर सामने आ रही है। विभागों में चालकों के लिए प्रमोशन का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं है, जिसके चलते कई कर्मचारी पूरी सेवा अवधि एक ही पद पर गुजारने को मजबूर हैं। इसके अलावा 50 से 55 वर्ष की आयु पार कर चुके चालक भी लगातार वाहन चलाने के लिए बाध्य हैं। बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी कमजोर होने के बावजूद उन्हें हाई-प्रोफाइल ड्यूटी करनी पड़ती है, जो सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर चिंता का विषय है।

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संघ ने सरकार से मांग की है कि चालकों के लिए पदोन्नति का स्पष्ट चैनल बनाया जाए और एमटीओ तथा सुपरवाइजर जैसे पद सृजित किए जाएं। साथ ही अनिवार्य बीमा योजना लागू करने और 55 वर्ष की आयु के बाद चालकों की कार्य प्रकृति में बदलाव करने की व्यवस्था भी की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही चालकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो संगठन को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
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