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जयपुर: सांभर झील में प्रवासी पक्षी फ्लेमिंगो का आगमन शुरू, कम बारिश से चिंता

Thu, 22 Oct 2026 08:03 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान की सांभर झील में सर्दियों की आहट के साथ प्रवासी पक्षी फ्लेमिंगो यानी राजहंस पहुंचने लगे हैं। रतन तालाब, मुंडिया तालाब, नालियासर और अन्य जल निकायों में इनकी मौजूदगी दिखाई देने लगी है। हालांकि, इस साल कम बारिश के कारण पक्षियों की संख्या घटने की आशंका है। अक्तूबर के अंत तक पक्षियों की गणना होने की संभावना है।
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सांभर झील - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान की प्रसिद्ध सांभर झील में ठंड की आहट के साथ ही प्रवासी पक्षी फ्लेमिंगो (राजहंस) का आगमन शुरू हो गया है। खारे पानी की इस झील में इन गुलाबी परिंदों की मौजूदगी से पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों को मनमोहक दृश्य दिखाई देने लगे हैं। हालांकि पक्षी विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष क्षेत्र में कम बारिश होने के कारण यहां आने वाले पक्षियों की संख्या में कमी देखी जा सकती है। सांभर झील हर साल सर्दियों के मौसम में प्रवासी पक्षियों के लिए प्रमुख ठिकाना बनती है। अभी पक्षियों का आना शुरू हुआ है और मार्च तक झील में पक्षियों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। इस दौरान फ्लेमिंगो के समूह पानी में अठखेलियां करते और आसमान में उड़ान भरते दिखाई देते हैं। पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार सांभर झील में 35 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पक्षी देखे जा सकते हैं।
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सांभर झील में पक्षियों के प्रमुख ठिकाने
पक्षी विशेषज्ञ ओमप्रकाश सैनी के अनुसार सांभर में फ्लेमिंगो का आना शुरू हो गया है। वर्तमान में ये परिंदे रतन तालाब, मुंडिया तालाब, डेम, नालियासर और शाकम्बरी माता मंदिर के आसपास स्थित जल निकायों पर दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इस बार कम बारिश होने के कारण पक्षियों की संख्या कम रहने की संभावना है। सांभर में वन विभाग के फॉरेस्टर श्याम शर्मा ने बताया कि झील में फ्लेमिंगो की सटीक संख्या का पता लगाने के लिए अक्तूबर के अंत तक पक्षियों की गणना की जा सकती है। इस गणना से स्पष्ट हो पाएगा कि इस बार झील में पक्षियों की कुल संख्या कितनी है।

झील में दिखाई देने वाली प्रमुख प्रजातियां
पक्षी विशेषज्ञ रोहित गंगवाल के अनुसार सांभर झील में कई प्रजातियों के प्रवासी पक्षी आते हैं। इनमें छोटा राजहंस, बड़ा राजहंस, बार हेडेड हंस, ग्रेलैग हंस, चक्रवाक, उत्तरी शॉवलर बत्तख, यूरेशियन विजन बत्तख, नोर्देन पिंटेल, हवासील, कुरजां, ब्लैक टेल्ड गॉडविट, छोटी सैंडपाइपर, यूरेशियन स्पूनबिल और कामन क्रेन शामिल हैं। इस बार कम बारिश होने के कारण पक्षियों की संख्या में कमी देखी जा सकती है।
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राजस्थान के अन्य प्रसिद्ध बर्ड वाचिंग स्थल
राजस्थान में सांभर झील के अलावा कई अन्य प्रसिद्ध स्थल भी हैं जहां सर्दियों में प्रवासी पक्षी आते हैं। इनमें भरतपुर स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, फलोदी का खीचन गांव, उदयपुर का मेनार वेटलैंड, चूरू का ताल छापर अभयारण्य, बीकानेर का जोरबीड और अजमेर की आना सागर झील शामिल हैं। इसके अलावा पाली का जवाई बांध, नागौर की डीडवाना झील, जयपुर की चंदलाई लेक व मानसागर लेक, भरतपुर का बंध बरेठा और बूंदी की कनक सागर लेक भी प्रमुख बर्ड वाचिंग स्थल हैं।
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