कांग्रेस ने राज्य की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बागी हुए विधायकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए विधायक विश्वेंद्र सिंह व भंवर लाल शर्मा की प्राथमिक सदस्यता निलंबित कर दी है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी।
मीडिया में गुरुवार को वायरल हुए एक ऑडियो टेप का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने विधायक भंवर लाल शर्मा को इन ऑडियो टेप की सत्यता का सत्यापन होने तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है।' सुरजेवाला ने बताया कि इसी तरह विधायक विश्वेंद्र सिंह की प्राथमिक सदस्यता भी निलंबित की गई है। इन दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि विधायक सिंह व शर्मा दोनों ही सचिन पायलट खेमे के हैं। सिंह को पायलट का करीबी माना जाता है और पार्टी ने पायलट सहित जिन तीन मंत्रियों को पद से हटाया उनमें वह भी शामिल हैं।
कौन हैं भंवर लाल शर्मा और संजय जैन
भंवर लाल शर्मा कांग्रेस विधायक हैं। वे सातवीं बार चुरू के सरदार शहर से विधायक चुने गए हैं। वह ब्राह्मण समाज का राष्ट्रीय चेहरे के तौर पर उभरे हैं और 2011 से अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष हैं। उनपर गहलोत सरकार को अस्थिर करने का आरोप है। जिसके बाद शुक्रवार को कांग्रेस ने उन्हें प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। वहीं संजय जैन भाजपा विधायक हैं।