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पुलिस ने किया साफ, मौत के बाद चार्जशीट से हटा दिया गया था पहलू खान का नाम

Sat, 29 Jun 2019 10:31 PM IST
शिल्पा ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : File Photo
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राजस्थान पुलिस ने पहलू खान के खिलाफ गाय की तस्करी के आरोप में कथित चार्जशीट दाखिल करने का मामला तूल पकड़ने के बाद विवाद और फिर सफाई का दौर शुरू हो गया। अलवर के एसपी ने बताया कि मौत के बाद पहलू खान का नाम चार्जशीट से हटा दिया गया था। पहलू खान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की बात पूरी तरह गलत है। उसका नाम मौत के बाद हटा दिया गया था। 

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पहलू खान की साल 2017 में अलवर में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। वह उस वक्त मवेशियों को ले जा रहे थे। 
 



इससे पहले बताया जा रहा था कि इस चार्जशीट में पहलू और उसके दो बेटों को अभियुक्त बनाया गया है। चार्जशीट को राज्य में कांग्रेस सरकार बनने से कुछ दिनों बाद ही बीते साल दिसंबर में तैयार किया गया था। इसे अब दाखिल किया गया है। इसे हाल ही में 29 मई को बहरोर स्थित एडिश्नल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के कोर्ट में पेश किया गया था। 

क्या है चार्जशीट में?

खबर के मुताबिक, चार्जशीट में पहलू और दो बेटों पर राजस्थान बोवाइन एनिमल एक्ट, 1995 और रूल्स 1995 की धारा 5,8 और 9 के तहत आरोप तय किए गए। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनके बड़े बेटे इरशाद (25) का कहना है उन्होंने गोरक्षकों के हमले में अपने पिता को खो दिया है और अब उन्हीं पर गोतस्करी का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद थी कि कांग्रेस की नई सरकार आने के बाद केस को वापस ले लिया जाएगा लेकिन उन्होंने हमारे खिलाफ ही चार्जशीट दाखिल कर दी।

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हमने सरकार के बदलने के बाद न्याय की उम्मीद की थी लेकिन वैसा कुछ नहीं हुआ।" मामले में पिकअप वाहन के मालिक जगदीश प्रसाद पर भी संबंधित एक्ट की धारा छह के तहत आरोप तय किए गए हैं।

इस मामले पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है, "मामले की जांच भाजपा के कार्यकाल में हुई है और चार्जशीट पेश की गई। अगर जांच में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी पाई जाती है को मामले की दोबारा जांच की जाएगी।" 

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भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने कहा कि पहलू खान, उसका भाई और बेटा आदतन अपराधी थे। वे लगातार गौ तस्करी में शामिल थे। गौ रक्षक और हिंदू परिषद पर लगाए गए सभी आरोप गलत थे।
 


स्थानीय लोगों ने पहलू खान के वाहन को पकड़ा जिसमें वह गायों की तस्करी कर रहा था और उन्होंने ही उन्हें रोका था। उसकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी, स्थानीय लोगों ने पिटाई नहीं की थी। अब जब उसके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है तो कांग्रेस श्रेय ले रही है। लेकिन कांग्रेस ने तब उनके परिवार को वित्तीय मदद दी थी
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