पूर्व सरपंच ने कहा कि मतदाताओं का विश्वास लोकतंत्र में है। लेकिन उनकी नाराजगी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से हैं। जो ग्रामीणों को गुमराह कर रहे हैं और सुनवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। सुबह के समय जब मतदान शुरू हुआ और वोट डालने कोई नहीं पहुंचा तो प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा रहा। जिला निर्वाचन विभाग की ओर से प्रशासनिक अधिकारी गांव में पहुंचे ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की गई लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
इधर इटावा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रनोदिया गांव के दो हजार मतदाताओं में से सिर्फ चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के करीब सवा सौ लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। बाकी ग्रामीणों ने मतदान नहीं किया। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि रन्नोद या गांव में साल 1992 में रोड बना था उसके बाद से गांव में सड़क का निर्माण नहीं हुआ। सड़क की हालत जर्जर हो चुकी है। कई जगह पर गड्ढे हैं जिसमें बरसात का पानी भरा रहता है।
ऐसे में ग्रामीणों को बड़ी मुश्किल से जीवनयापन करना पड़ रहा है। गांव में सड़क नहीं होने के कारण आने जाने में ग्रामीणों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते ग्रामीणों ने अपने मतदान का प्रयोग नहीं किया। जिला निर्वाचन विभाग की ओर से भेजे गए प्रतिनिधियों के द्वारा ग्रामीण से को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने वोट न किया। ग्रामीणों ने कहा, सड़क नहीं तो वोट नहीं। सड़क के साथ ही ग्रामीणों की गांव में नाली निर्माण की भी बड़ी मांग थी। इधर इटावा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत खातोली के वार्ड मदनपुरा गांव में भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भयंकर आक्रोश देखने को मिला।
यहां के ग्रामीणों ने कहा गांव पूरी तरह से विकास से कटा हुआ है। सड़क, नाली नहीं है। इंदिरा आवास योजना का ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला। अतिवृष्टि के दौरान जिन परिवारों के आशियाने उजड़े, उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। ऐसे में ग्रामीणों ने दोपहर बाद तक मतदान का बहिष्कार किया। उसके बाद जिला निर्वाचन विभाग की ओर से कई अधिकारी कर्मचारी और पंचायत चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी गांव में पहुंचे। समझाने का प्रयास किया गया।
प्रत्याशियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी जीत होने के बाद वह ग्रामीणों की हर समस्या को पूरा समाधान कराने का प्रयास करेंगे। दिनभर समझाने के प्रयास के बाद देर शाम 4 बजे ग्रामीण मतदाता मतदान करने को राजी हुए। उसके बाद उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।