पाकिस्तान के बलूचिस्तान से अवैध तरीके से भारत आई महिला की वतन वापसी कर दी गई है। बीएसएफ ने श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ की बिंजौर सीमा चौकी के सामने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन पर पाक रेंजर्स को उसे सौंपा। इस दौरान हुमायरा की आंखें भर आईं।
सूत्रों के अनुसार, श्रीगंगानगर में हुई संयुक्त पूछताछ (जेआईसी) के बाद पाक निवासी हुमायरा को वापस भेजने का निर्णय लिया गया था। मंगलवार दोपहर तीन बजे बीएसएफ ने उसे बिंजौर सीमा चौकी पर पाक रेंजर्स को सौंपा। भारत में अवैध रूप से आई पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की इस महिला को जब बीएसएफ ने पाक रेंजर्स को सौंपा, तो उसके चेहरे पर वतन लौटने की खुशी की बजाय पीड़ा और दर्द की झलक थी। जीरो लाइन तक ले जाते समय भी वह बार-बार यही कहती रही, 'हुजूर, मुझे वापस मत भेजो'।
17 मार्च को पकड़ी गई थी हुमायरा
गौरतलब है कि 17 मार्च की सुबह बीएसएफ ने अनूपगढ़ क्षेत्र में विजेता सीमा चौकी के पास भारत-पाक सीमा पार करने के बाद हुमायरा को पकड़ा और पुलिस को सौंप दिया था। उसे श्रीगंगानगर लाकर संयुक्त पूछताछ केंद्र में पूछताछ की गई। एजेंसियों को उसने बताया कि पति और ससुर की प्रताड़ना से परेशान होकर वह भारत आई है।
उसके मोबाइल में मिले वकील के नंबरों पर बातचीत करने पर इसकी पुष्टि हुई। वकील ने बताया कि हुमायरा ने पति और ससुर के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज करवाया है, जो अदालत में विचाराधीन है। पकड़े जाने के बाद हुमायरा बार-बार यही कहती रही कि उसे पाकिस्तान मत भेजा जाए, क्योंकि वहां उसकी जान को खतरा है।
जेआईसी से क्लीन चिट के बाद वतन वापसी
ऐसे मामलों में अक्सर पाक नागरिक अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में आ जाते हैं। बीएसएफ उन्हें पकड़ने के बाद विभिन्न खुफिया एजेंसियों के माध्यम से पूछताछ करती है। यदि नागरिक को क्लीन चिट मिल जाती है, तो पाक रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग कर उसे वापस भेज दिया जाता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ और हुमायरा को वतन वापस भेज दिया गया।