राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) की मुख्य परीक्षा की तारीख स्थगित करने की मांग को लेकर सत्याग्रह कर रहे अभ्यर्थी सीएम के एलान के बाद नाराज हो गए हैं। उनका कहना है कि जान जाती है तो जाए, लेकिन सत्याग्रह तब तक खत्म नहीं होगा जब परीक्षा स्थगित करने का एलान नहीं किया जाता।
सत्याग्रह पर बैठे अभ्यर्थियों का प्रतिनिधत्व कर रहे अभिषेक शर्मा ने कहा कि परीक्षार्थियों के आंदोलन में कुछ तत्व ऐसे भी शामिल हो गए थे जिनके कारण मुख्यमंत्री तक सही जानकारी नहीं पहुंची। ऐसे लोगों की वजह से सभी अभ्यर्थियों के भविष्य को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों की एकता को कम आंका है।
अभिषेक ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने परीक्षा न टालने की अपनी बात कह दी है, लेकिन अभ्यर्थी भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। तीन दिन बाद परीक्षा होने वाली है। अभी तक हमने राजनीतिक दलों को आंदोलन से दूर रखा था, लेकिन अब क्या ये आगे आना वाला समय ही बताएगा।
देर रात एक अभ्यर्थी की तबियत बिगड़ी
सीएम के एलान के बाद सत्याग्रह पर बैठे एक अभ्यर्थी की तबियत खराब हो गई। उसे सवाई मान सिंह अस्तपाल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले भी तीन छात्र-छात्राओं की तबियत खराब हो गई थी, उनका भी अस्तपाल में इलाज चल रहा है। एक प्रदर्शनकारी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
25-26 को होनी है मुख्य परीक्षा
राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) की मुख्य परीक्षा 25 और 26 फरवरी को होनी है, इसमें सिर्फ तीन दिन बचे हैं। वहीं दस फरवरी से परीक्षा स्थगित करने की मांग को लेकर सत्याग्रह पर बैठे अभ्यर्थी परीक्षा स्थगित नहीं करने के एलान के बाद नई रणनीति बनाने पर विचार कर रहे हैं।
बाजार में जरूरी किताबें नहीं
सरकार ने पाठ्यक्रम में 70 फीसदी बदलाव किया है। इस कारण अभ्यर्थियों को पढ़ाई के लिए सिर्फ 93 दिन का समय मिला है। पाठ्यक्रम में हुए बदलाव के कारण बाजार में किताबें भी नहीं आई हैं, इससे अभ्यर्थियों की तैयारी पूरी नहीं हो पाई है। इन्हीं कारणों के चलते सत्याग्रह पर बैठे अभ्यर्थी परीक्षा स्थगित करने की मांग कर रहे हैं।
विधायक सोलंकी ने सचिन पायलट से कराई थी बात
सचिन पायलट गुट के विधायक वेद प्रकाश सोलंकी सोमवार को आंदोलन में शामिल हुए थे। उन्होंने अभ्यर्थियों की मांग सुनने के बाद फोन पर सचिन पायलट से बात भी करवाई थी। पायलट ने अभ्यर्थियों को मांग पूरी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन सीएम गहलोत ने मांग को ठुकरा दिया है।
कई नेता आंदोलन में हुए शामिल
सांसद किरोड़ी लाल मीणा के शामिल होने के बाद अन्य नेताओं ने भी अभ्यर्थियों के सत्याग्रह को समर्थन करना शुरू कर दिया था। भाजपा विधायक रामलाल शर्मा, कांग्रेस नेत्री रुकमणी देवी सहित विपक्ष और सत्ता पक्ष के कई नेता अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार संयम लोढा ने भी सीएम को पत्र लिखकर अभ्यर्थियों की मांग पूरी करने का आग्रह किया था।