पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की उल्लेखनीय सफलता के पीछे केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। उन्हें उत्तर बंगाल के 28 विधानसभा क्षेत्रों का दायित्व सौंपा गया था, जहां उन्होंने लगभग दो महीने तक सक्रिय रहकर संगठन, रणनीति और चुनाव प्रचार को मजबूती दी।
इन 28 सीटों में कूचबिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी जैसे महत्वपूर्ण जिले शामिल थे। प्रथम चरण में हुए मतदान में भाजपा ने इन क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 26 सीटों पर जीत हासिल की। केवल सीताई और चोपड़ा सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।
इस जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए शेखावत ने इसे पूरे भारत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह जनादेश स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जनता विकास, सुशासन और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में परिवर्तन को ऐतिहासिक बताते हुए इसकी तुलना कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने जैसी बड़ी घटना से की।
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शेखावत ने राज्य की भौगोलिक स्थिति को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल एक ओर बंगाल की खाड़ी से जुड़ा है, वहीं दूसरी ओर नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से अंतरराष्ट्रीय सीमाएं साझा करता है। ऐसे में यहां की स्थिरता और सुरक्षा पूरे देश के लिए अहम है।
उन्होंने आगे कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मजबूत प्रशासन, सतर्कता और प्रभावी नीतियों की आवश्यकता है, जिसे जनता ने अपने वोट के माध्यम से समर्थन दिया है। यह जनादेश केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि राज्य को नई दिशा देने का संकेत है।
शेखावत ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, अमित शाह की रणनीति और पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम को इस जीत का श्रेय देते हुए उनके योगदान को अहम बताया। साथ ही उन्होंने इस जीत में श्यामाप्रसाद मुखर्जी के सपनों के साकार होने की बात भी कही।