Jaisalmer: भारतीय वायु सेना 17 फरवरी को जैसलमेर में 'वायु शक्ति अभ्यास' के दौरान अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगी। इस अभ्यास में कुल 150 एयरक्राफ्ट शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
इस अभ्यास के दौरान भारतीय वायु सेना के चुने गए लक्ष्यों को फाइटर जेट 500 से लेकर 1000 किलो तक के बम गिराकर टारगेट करेंगे। फाइटर जेट राफेल सुपरसोनिक स्पीड में उड़ान भरते दिखाई देगा और एयर टू एयर मिसाइल से फायर करेगा।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस अभ्यास के दौरान वास्तविक युद्ध जैसे हालात तैयार करके ऑपरेशन को अंजाम दिया जाता है। अभ्यास में लड़ाकू विमान जगुआर, सुखोई-30, तेजस, राफेल समेत कुल 150 एयरक्राफ्ट के शामिल होने की संभावना है।
वायु सेना के इस अभ्यास मे सुखोई-30 फाइटर जेट कॉम्बेट एयर पेट्रोलिंग करते दिखाई देंगे, जिसके बाद यह 1000 पाउंड और 100 किलो का बम टारगेट पर बरसाएंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लड़ाकू विमानों से गिराए जाने वाले बमों का निशाना चुनेंगे।
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कलेक्टर ने ली बैठक
17 फरवरी को एयर फोर्स रेंज चांधन में प्रस्तावित वायुशक्ति अभ्यास के आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं के लिए जिला कलेक्टर प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में वायुसेना के अधिकारियों के साथ जिले के कई अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान कलेक्टर प्रताप सिंह ने पूर्व में आयोजित वायुशक्ति अभ्यास की जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को वायु सेना के संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर सौंपे गए कामों को करने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कयास लगाए जा रहे हैं कि 17 फरवरी को आयोजित होने जा रही भारतीय वायुसेना के वायु शक्ति अभ्यास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसलमेर आ सकते हैं। इसके मद्देनजर भी प्रशासनिक स्तर तैयारियां की जा रही हैं।