अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर चल रहा परिजनों का धरना करीब 12 घंटे बाद मंगलवार देर शाम समाप्त हो गया। प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद परिजनों ने धरना समाप्त करने का फैसला किया।
धरना समाप्त होने के बाद अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में जगन गुर्जर का पोस्टमार्टम किया गया, वहीं कल जगन के पैतृक गांव धौलपुर में उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन ने परिजनों की पांच प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
धरना स्थल पर दिनभर भारी संख्या में गुर्जर समाज के लोग और समर्थक मौजूद रहे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने कई दौर की वार्ता की। आखिरकार प्रशासन की ओर से तैयार सहमति पत्र पर सहमति बनने के बाद जगन गुर्जर के करीबी प्रहलाद सिंह ने सभी मांगों और प्रशासन के निर्णय को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया। इसके बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए सहमति दे दी।
इन मांगों पर बनी सहमति
प्रशासन ने जगन गुर्जर के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। जांच पूरी होने तक उसके बेटे आसाराम को निजी सुरक्षा अधिकारी उपलब्ध कराया जाएगा और जिन लोगों से परिवार को खतरा होने की आशंका है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें पाबंद किया जाएगा।
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जगन गुर्जर हत्याकांड की जांच किसी अन्य एजेंसी से कराने पर सहमति बनी है, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। वहीं घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी तय किया है कि जगन के भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से भरतपुर अथवा धौलपुर जेल में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके अलावा पप्पू गुर्जर, लाल सिंह और पान सिंह को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
धौलपुर जिले के संबंधित थानाधिकारी की भूमिका की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में यह सामने आता है कि जगन गुर्जर को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजा गया था, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। वह धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र के भवुतीपुरा गांव का निवासी था। आरोप है कि भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने बैरक के भीतर गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी, दोनों हार्डकोर बंदी एक ही बैरक में बंद थे। जेल के भीतर हुई इस हाई-प्रोफाइल हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। परिजनों ने हत्या को सुनियोजित बताते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग को लेकर मोर्चरी के बाहर धरना शुरू किया था। अब प्रशासन की ओर से मांगें स्वीकार किए जाने के बाद धरना तो समाप्त हो गया है लेकिन पूरे मामले की जांच और प्रशासन द्वारा किए गए वादों के पालन पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।