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Rajasthan: चार हजार कमाते हैं...और GST वाले करोड़ों रुपये की नोटिस थमा दिए, जानें कैसे हुआ ये खेल

Thu, 05 Jan 2023 03:08 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर

सार

राजस्थान में जैसलमेर जिले के एक गरीब व्यक्ति को GST विभाग ने एक करोड़ 39 लाख 79 हजार 407 रुपये का GST नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है, व्यक्ति के नाम पर GST टैक्स बकाया है, जिसे जल्द से जल्द न भरा गया तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़ित नरपतराम - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जैसलमेर में रीदवा गांव के निवासी नरपतराम पुत्र नवलराम मेघवाल को, जब से आयुक्तालय दिल्ली उत्तर से नोटिस मिला है, तब से वो परेशान हैं। नोटिस के साथ सम्मन जारी कर नरपत को नौ जनवरी 2023 को दिल्ली भी बुलाया गया है। वे मायूस होकर पुलिस और अन्य विभागों में धक्के खा रहे हैं। मगर इसका इलाज किसी के पास नहीं है।

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बता दें कि नरपत का कहना है, उनके पैन नंबर का किसी ने गलत इस्तेमाल करके कोई फर्म बना ली और उसी के नाम से जीएसटी नहीं भर रहा होगा, जिसको लेकर उसके पास नोटिस आया है। नरपतराम ने बताया, वो एक बेरोजगार व्यक्ति हैं और वर्तमान में पिता पर आश्रित हैं। उसके पिता गांव में खेती का काम करते हैं और वो शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए सूरतगढ़ में पढ़ाई कर रहे हैं। नरपतराम को 29 दिसंबर को दिल्ली से जीएसटी का नोटिस आया। जैसे ही नोटिस मिला को सोच में पड़ गए कि उनके नाम से तो कोई फर्म है ही नहीं, फिर उन्हें ये नोटिस क्यों भेज दिया।

जांच पड़ताल करने पर उन्हें पता चला कि उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य कागजात का किसी ने गलत प्रयोग करते हुए एक फर्म बनाई हुई है। व्यक्ति दिल्ली का है, जिसने फर्म के माध्यम से यह सब फर्जीवाड़ा किया है और अब जीएसटी विभाग की कार्रवाई का सामना उन्हें करना पड़ रहा है।
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एक करोड़ 39 लाख 79 हजार 407 रुपये का GST नोटिस...
नरपतराम ने बताया, 29 दिसंबर को केंद्रीय आयुक्तालय दिल्ली उत्तर से जीएसटी विभाग द्वारा नोटिस मिला, जिसके अनुसार नरपतराम के पेन कार्ड पर एक फर्म स्ट्रेड इंटरप्राइजेज संचालन हो रहा है। पेन कार्ड और आधार कार्ड पर एक कंपनी का पंजीयन संचालन हो रहा है। जो मेरी बिना जानकारी के संचालन किया जा रहा है, जिससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। 

नोटिस मिलने के बाद युवक और उसका परिवार टेंशन में आ गया है। पीड़ित नरपतराम का कहना है कि वह चार हजार रुपये महीना कमाता है। ऐसे में उसकी समझ से बाहर है कि उसने कोई फर्म बनाकर जीएसटी की चोरी कैसे की है। नरपतराम के मुताबिक, किसी व्यक्ति ने उनकी आईडी को गलत प्रयोग करते हुए यह सब किया है और अब जीएसटी विभाग ने नोटिस उन्हें भेज दिया है। अब नरपत राम पुलिस और अन्य विभाग के चक्कर लगा रहा है, लेकिन इस मामले में उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

क्या कहना है सीए का...
इस पूरे मामले पर CA भावेश भाटिया का कहना है कि इसकी शिकायत जीएसटी पोर्टल पर की जा सकती है और जैसलमेर स्थित ऑफिस में भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि आज कल के समय में पैन और आधार कार्ड के बिना हमारे कई काम रुक जाते हैं। इन दोनों डॉक्यूमेंट में हमारी वित्तीय जानकारी जैसे जानकारी मौजूद होती है। बैंक में इन दोनों डॉक्यूमेंट के बिना आप खाता नहीं खुलवा सकते हैं।

आधार पैन की बढ़ते इस्तेमाल के साथ-साथ फ्रॉड करने वाले लोगों ने भी इसके इस्तेमाल से लोगों को चूना लगाना शुरू कर दिया है।अगर आप भी बिना सोचे समझे पैन या आधार डिटेल्स किसी को भी दे देते हैं तो यह आपको बड़ी परेशानी में डाल सकता है। फ्रॉड करने वाले लोग इन दोनों डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल करके जीएसटी की चोरी कर सकते हैं। इस मामले पर जानकारी देते हुए भाटिया ने बताया, आपके पैन और आधार की जानकारी के जरिए लोग फेक कंपनी बनाकर जीएसटी चोरी का काम कर रहे हैं। नकली कंपनी के जरिए का दावा करके कर चोरी किया जा रहा है। आप बेकार में किसी को अपने पैन कार्ड और आधार कार्ड डिटेल्स बिल्कुल न शेयर करें।
   

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