राजस्थान में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भंवरलाल शर्मा ने बीते दिन रविवार को जयपुर के SMS अस्पताल में अंतिम सांस ली। आज उनका अंतिम संस्कार चूरू के सरदारशहर में किया गया। अंतिम संस्कार के समय उनके परिजन और समर्थक गमगीन नजर आए। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कांग्रेस और बीजेपी के नेता मौजूद रहे।
अंतिम संस्कार से पहले विधायक शर्मा की पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए ताल मैदान में रखा गया। जहां हजारों की संख्या में विधाायक शर्मा के चाहने वाले नम आंखों से अपने चहते नेता को अंतिम विदाई देने को उमड़ रहे थे। इससे पहले सरदारशहर के लोकप्रिय विधायक भंवरलाल शर्मा के पार्थिव देह को उनके निवास स्थान पर सुबह 10 बजे तक विधायक के परिजनों के दर्शन के लिए रखा गया।
इस दौरान विधायक पुत्र राज्यमंत्री अनिल शर्मा और केसरी चंद शर्मा ने विधि-विधान के अनुसार उनकी अंतिम क्रियाएं पूरी की, जिसके बाद विधायक भंवरलाल शर्मा के पार्थिव देह पर तिरंगा ओढ़ाया गया। इस दौरान चूरू पुलिस अधीक्षक दिगत आनंद, सुजानगढ़ उपखंड अधिकारी मूलचंद लूणिया, थाना अधिकारी सतपाल विश्नोई ने तिरंगा ओढ़ाने की रस्म को पूरा किया। वहीं, तिरंगा रस्म के बाद विधायक पुत्र अनिल शर्मा और केसरी चंद शर्मा अपने पिता को कंधा देकर विधायक आवास से रवाना हुए और विधायक शर्मा के पार्थिव देह को ताल मैदान स्थित नेहरू पार्क के आगे रखवाया गया। जहां पर हजारों की संख्या में लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किये।
कई नेता रहे मौजूद...
अंतिम दर्शन करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और प्रदेश के कई बड़े दिग्गज नेता सरदारशहर पहुंचे। विधायक का पार्थिव देह जैसे ही विधायक आवास से रवाना हुआ भंवरलाल शर्मा अमर रहे के नारों से आसपास का वातावरण गुंजायमान हो गया। इस दौरान हर किसी की आंखें नम नजर आई और हर कोई विधायक शर्मा को श्रद्धांजलि देता हुआ नजर आ रहा था। दोपहर 2 बजे ताल मैदान से अंतिम यात्रा रवाना हुई, जो शहर के मुख्य बाजार, बस स्टैंड से होती हुई तारानगर रोड स्थित विधायक के पैतृक खेत में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में देश और क्षेत्र के कई बड़े नेता शामिल हुए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 3 बजे सरदारशहर पहुंचे और भंवरलाल शर्मा के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उनको नम आंखों से विदाई दी।
इस दौरान PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, आपदा मंत्री गोविंद राम मेघवाल, विधायक कृष्णा पूनिया सहित कई नेता अंतिम विदाई में मौजूद रहे। वहीं क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक शर्मा के निधन के बाद संपूर्ण सरदारशहर बंद रहा। निजी और सरकारी विद्यालयों की भी आज छुट्टी रही। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे, जहां पर उन्हें दो मिनट का मौन रखवाकर छुट्टी कर दी गई।
बता दें कि विधायक शर्मा के निधन की सूचना जैसे ही शहरवासियों को लगी, हर कोई स्तब्ध रह गया। व्यापारी रविवार दोपहर तक अपने प्रतिष्ठान बंदकर घरों की ओर लौट गए। वहीं व्यापार एवं उद्योग संघ अध्यक्ष शिवरतन सराफ ने रविवार को घोषणा करते हुए कहा था, सोमवार को संपूर्ण सरदारशहर बंद रहेगा, जिसके तहत सरदारशहर के सभी बाजार, सब्जी मंडी, कृषि उपज मंडी भी बंद रही।
7 बार रह चुके थे विधायक...
विधायक शर्मा सात बार विधायक रह चुके हैं और महज 17 साल की उम्र में उन्होंने सरपंच का चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद उन्होंने कभी वापस पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद वह पंचायत समिति प्रधान बने और उसके बाद सात बार विधायक रहे। विधायक शर्मा ने कई बार सरकार को बचाने और गिराने में अपनी अहम भूमिका निभाई।
साल 2013 में बीजेपी की लहर में भी विधायक शर्मा ने सरदारशहर से कांग्रेस पार्टी की टिकट से जीत दर्ज की थी। 77 साल की उम्र में विधायक शर्मा ने रविवार सुबह सात बजकर 35 मिनट पर जयपुर के एसएमएस अस्पताल में अंतिम सांस ली। गरीबों के मसीहा के नाम से प्रसिद्ध विधायक शर्मा के निधन के बाद संपूर्ण सरदारशहर बंद रहा। विधायक शर्मा का निधन सरदारशहर में एक बहुत बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।