यह सुनने में बेशक डरावना लगे लेकिन राजस्थान के धौलपुर में एक कथित मदरसा कब्रिस्तान में ही चल रहा है। उसमें पढ़ने वाले 30 से ज्यादा बच्चे कब्रों के बीच मिट्टी में बैठकर ही अपनी तालीम ले रहे हैं। हालांकि कब्रिस्तान के बराबर में ही एक मस्जिद भी है जहां मदरसा चल सकता है लेकिन वहां बच्चों के घुसने पर प्रतिबंध है नतीजतन बच्चों को कब्रिस्तान में ही बांस के पेड़ पर टंगे एक ब्लैक बोर्ड के सहारे अपनी पढ़ाई करनी पड़ती है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार पिछले 13 सालों से ये सिलसिला बदस्तूर चला आ रहा है। जहां बच्चों को अपनी चप्पलें कब्रिस्तान के गेट पर ही उतारनी पड़ती हैं। इसके बाद ही वह तालीम लेने के लिए अंदर आते हैं।
बच्चों को अंदर आते समय इस बात का खास ख्याल रखना पड़ता है कि किसी कब्र पर उनके पैर न पड़ जाएं। हालांकि इस कब्रिस्तान के बराबर में ही एक बड़ी मस्जिद है जिसमें काफी जगह खाली भी है, लेकिन इन बच्चों का प्रवेश वहां प्रतिबंधित है।
बच्चों के लिए यहां विशेष तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि उनके प्रवेश से मस्जिद प्रदूषित भी हो सकती है। यहां तक की मदरसे में पढ़ते समय ये बच्चे तेज आवाज में पढ़ाई भी नहीं कर सकते क्योंकि इससे मस्जिद के प्रबंधक नाराज भी हो सकते हैं।