कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया जयपुर में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं। सिंधिया ने कहा कि राजनीति में धर्म और धर्म में राजनीति नहीं होनी चाहिए। किसी व्यक्ति का धर्म उसका व्यक्तिगत मामला है। उन्होंने कहा कि भाजपा को शोर मचाने की और यह कहने की आदत है कि 'कसम गीता की, मंदिर वहीं बनाएंगे' पर तारीख नहीं बताएंगे। '
उन्होंने कहा कि यह भाजपा की असलियत है। यदि वह यह सीखना चाहते हैं कि मंदिर निर्माण कैसे होता है तो उन्हें इसे सिंधिया परिवार से सीखना चाहिए, जिसने राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेष में 60 से ज्यादा मंदिर बनवाए, लेकिन इससे समुदायों के बीच कोई समस्या नहीं आई।
उन्होंने कहा कि यदि पांचों राज्यों में चुनाव को लेकर हमारी प्रक्रिया देखी जाए तो कांग्रेस इस बात पर पूरी तरह स्पष्ट है कि हमारे सिद्धांत क्या हैं। उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य शांति और सहिष्णुता का वातावरण तैयार करना है। भाजपा द्वारा तैयार किया गया असहिष्णुता का माहौल हम ही समाप्त करेंगे।
सिंधिया ने कहा कि हमें कई ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि कई स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी और बिजली सप्लाई एक से दो घंटों के लिए बंद थी। सागर में तो बिना नंबर की एक एक पोलिंग बस मतदान के 48 घंटे बात स्ट्रांग रूम पहुंची। उस बस में 60 से 70 ईवीएम थीं। इससे कई सवाल उठते हैं।
उन्होंने कहा कि हामारा लक्ष्य हर समाज का विकास है। उन्होंने कहा कि यह हमारी परंपरा है जिसे हम लगातार जारी रखेंगे। सुषमा स्वराज के बयानों को लेकर सिंधिया ने कहा कि जहां तक सुषमा स्वराज के बयानों की बात है तो उन्हें योगी आदित्यनाथ से राजस्थान में उनके बयानों के बारे में पूछना चाहिए, उन्हें सही उत्तर मिल जाएगा।