भारतीय वायुसेना ने पश्चिमी राजस्थान में 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक हवाई गतिविधियों के लिए बड़े हिस्से का एयरस्पेस आरक्षित किया है। जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी, जोधपुर और नाल-बीकानेर क्षेत्र शामिल हैं। इसी अवधि में भारत-जापान ‘वीर गार्जियन 2026’ और बहुराष्ट्रीय ‘तरंग शक्ति 2026’ जैसे अभ्यास प्रस्तावित हैं।
भारतीय वायुसेना पश्चिमी राजस्थान में 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक बड़े स्तर का हवाई अभ्यास करने जा रही है। इसके लिए 17 दिनों के लिए हवाई क्षेत्र आरक्षित किए जाने का नोटम जारी हुआ है। जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर के साथ बीकानेर के नाल क्षेत्र के आसपास भी हवाई गतिविधियों के लिए प्रतिबंध लागू रहेंगे। कुछ आरक्षित क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 20 किलोमीटर तक की दूरी में बताए जा रहे हैं।
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40 हजार फीट तक आरक्षित हुआ हवाई क्षेत्र
जारी नोटम के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के निर्धारित क्षेत्रों में करीब 40 हजार फीट तक का हवाई क्षेत्र सैन्य गतिविधियों के लिए आरक्षित किया गया है। इसका असर जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर सेक्टर के साथ नाल-बीकानेर के आसपास के हवाई क्षेत्र पर भी रहेगा।
क्या होता है NOTAM?
नोटम यानी ‘नोटिस टू एयर मिशन्स’ एक मानक विमानन सूचना होती है। इसके जरिए पायलटों, एयरलाइंस और अन्य हवाई क्षेत्र उपयोगकर्ताओं को किसी क्षेत्र में अस्थायी प्रतिबंध, खतरे या विशेष हवाई गतिविधि की जानकारी दी जाती है। इसलिए नोटम जारी होना अपने आप में सैन्य कार्रवाई का संकेत नहीं माना जाता।
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सितंबर में लगातार दो बड़े हवाई अभ्यासों की तैयारी
पश्चिमी राजस्थान में इस अवधि के दौरान दो प्रमुख हवाई अभ्यासों की तैयारी चल रही है। भारत-जापान का ‘वीर गार्जियन 2026’ अभ्यास जोधपुर में आयोजित होना है, जिसके बाद बहुराष्ट्रीय ‘तरंग शक्ति 2026’ अभ्यास प्रस्तावित है। ‘वीर गार्जियन’ में पहली बार जापानी एफ-2ए लड़ाकू विमानों के भारतीय वायुसेना स्टेशन से संचालन की जानकारी सामने आई है।
पाकिस्तान की सीमा के पास गतिविधियों पर निगाह
राजस्थान का यह क्षेत्र पाकिस्तान की सीमा के नजदीक है, इसलिए इतने बड़े पैमाने पर हवाई क्षेत्र आरक्षित किए जाने से पड़ोसी देश की निगाह इस गतिविधि पर बनी हुई है। कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान की ओर से निगरानी बढ़ाने और रक्षा अधिकारियों की बैठक की बात कही गई है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है।
सीमा के पास बढ़ी सैन्य गतिविधि, देश-दुनिया की नजर
जैसलमेर से जोधपुर और बीकानेर तक बड़े हवाई क्षेत्र को आरक्षित किए जाने के कारण पश्चिमी सीमा का आसमान सितंबर में सैन्य गतिविधियों के लिहाज से बेहद सक्रिय रहने वाला है। आने वाले दिनों में इन अभ्यासों के दौरान भारतीय और विदेशी वायुसेनाओं की गतिविधियों पर सुरक्षा विशेषज्ञों और पड़ोसी देशों की निगाह बनी रह सकती है।