भारतीय जिम्नास्ट दीपा कर्माकर पर ट्विटर से टिप्पणी करना जयपुर निवासी एक महिला को इतना भारी पड़ गया कि लोगों ने सोशल मीडिया पर ही उनसे बदसलूकी शुरू कर दी। परेशान महिला ने मामले में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद मांगी। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार 26 साल की महिला के खिलाफ अभद्रता का ये सिलसिला तब शुरू हुआ जब दीपा कर्माकर के इवेंट के बाद उन्होंने इस पर एक के बाद एक कई ट्वीट किए।
ट्वीट में उन्होंने लिखा यह वास्तव में एक अविश्वसनीय उपलब्धि है। लेकिन यह भी सच है कि अमीर देशों के जिम्नास्ट प्राडुनोवा जैसे खतरनाक इवेंट में भाग नहीं लेते हैं। क्योंकि कुछ प्वाइंट के लिए इसे करना खतरनाक हो सकता है जिसमें जान भी जा सकती है। इसलिए वह आसान वॉल्ट करते हैं हालांकि उनकी तैयारी इसमें काफी अच्छी होती है। क्योंकि अच्छे संसाधन, पर्याप्त ट्रेनिंग और सभी सुविधाओं की उपलब्धता की वजह से वे आम वॉल्ट में भी बेहतर कर पाते हैं। दीपा को संबोधित करते हुए उन्होंने लिखा आज रात वह एक मेडल के लिए अपनी जान दांव पर लगा देने को तैयार थी, कोई मेडल किसी के जीवन से कीमती नहीं है खासकर किसी शापित देश में।