सुबह टहलकर घर लौट रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वीएस सिंह की बेकाबू कार से टक्कर लगने से मृत्यु हो गई। उनके साथ वाणिज्य कर अधिकारी विजेंद्र सिंह भी थे। उनके एक पैर और कंधे में फ्रेक्चर आया है। दोनों को हादसे के बाद सवाई मानसिंह अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के दौर करीब दस बजकर तीस मिनट पर वीएस सिंह की मृत्यु हो गई।
वीएस सिंह अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यावरण और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन थे। यह सूचना जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची कोहराम मच गया। परिजन तत्काल राजस्थान के लिए रवाना हो गए। सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित तमाम प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए।
हादसा घर से सौ मीटर की दूरी पर हुआ। वीएस सिंह हरीबाग स्थित अपने घर से पैदल ही सुबह 5:30 बजे सेंट्रल पार्क में टहलने गए थे। तभी घर लौटते समय अनियंत्रित कार से उनकी टक्कर हो गई। पुलिस ने टक्कर मारने वाली कार जब्त कर गायत्री नगर निवासी चालक दीनदयाल को गिरफ्तार किया है। देर रात आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया। पुलिस पूछताछ में कार ड्राइवर ने बताया कि अचानक सड़क पर आ गए एक व्यक्ति को बचाने के लिए उसने कार डिवाइडर की ओर घुमाई थी। इससे कार का अगला पहिया डिवाइडर पर चढ़ गया। इसके बाद अनियंत्रित कार ने दोनों अधिकारियों को टक्कर मार दी।
25 जुलाई 1955 को जन्मे वीएस सिंह 1978 बैच के आईएएस अफसर थे। मूलत: वह उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले थे। वे प्रमुख गृह सचिव, प्रमुख जल संसाधन सचिव, सचिव तकनीकी शिक्षा, सचिव श्रम, जेडीसी और जयपुर के कलेक्टर भी रहे थे। उनकी पत्नी गीता सिंह साथ में ही रहती थीं। उनकी दो बेटियां हैं जिनकी शादी हो चुकी है।
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक बीते 30 नवंबर को विजय शंकर सिंह के चचेरे भाई मनीष सिंह का तिलकोत्सव था, जिसमें वह शरीक होकर एक दिसंबर को राजस्थान चले गए। पांच दिसंबर को बारात जानी थी, जिसमें भी उन्हें शरीक होना था। वीएस सिंह के निधन पर राज्यपाल माग्रेट अल्वा व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गहरा दुख जताया है।