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राजस्थान में आने-जाने के लिए लेनी होगी अनुमति, अंतरराज्जीय सीमाओं पर आवागमन नियंत्रित

Wed, 10 Jun 2020 10:04 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो) - फोटो : social media
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कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान ने बुधवार को अपनी सीमाओं पर अतिरिक्त पाबंदी लगाते हुए आने-जाने को नियंत्रित कर दिया है। अब राजस्थान में आने और बाहर जाने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। राज्य की सीमाएं हरियाणा, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश से लगती हैं। इससे पहले राज्य की सीमाओं को सील करने का आदेश दिया गया था, जिसे बाद में संशोधित कर दिया गया।

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पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था एमएल लाठर ने इस बारे में आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राज्य सरकार ने अंतरराज्यीय आवागमन को नियंत्रित करने का फैसला किया है। इसमें संबंद्ध पुलिस आयुक्तों, रेंज महानिरीक्षकों व जिला पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि पड़ोसी राज्यों से लगने वाले सड़क मार्गों व रास्तों पर तत्काल पुलिस चेेक पोस्ट स्थापित किए जाएं और अन्य राज्यों से व्यक्तियों को बिना अनुमति पत्र के नहीं आने दिया जाए।

इसके अलावा विमान, ट्रेन या सड़क मार्ग से राज्य में आने वालों के लिए भी प्रशासन ने गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार गाइडलाइन जारी की हैं। 
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इस व्यवस्था के तहत बाहरी राज्य से उसी व्यक्ति को आने दिया जाएगा जिसने अपने राज्य से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया हो। इसी तरह राज्य से बाहर जाने के लिए भी सक्षम अधिकारी से पास या अनुमति पत्र लेना होगा। इसमें कहा गया है कि सक्षम अधिकारी इलाज के लिए जाने या परिवार में किसी की मृत्यु होने जैसी आपात परिस्थितियों में ही पास जारी करें। अंतरराज्यीय मार्गों के साथ-साथ हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर भी तत्काल चेक पोस्ट स्थापित करने को कहा गया है। फिलहाल यह व्यवस्था आगामी सात दिन के लिए की गई है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले भारतीय नागरिकों के संबंध में गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार ही नियमों का पालन होगा। बस, ट्रेन और विमान से आ रहे व्यक्ति को निर्धारित सुरक्षात्मक प्रोटोकॉल के बाद ही यात्रा की अनुमति होगी। सड़क मार्गों से निजी वाहनों, टैक्सी और बसों से आ रहे सभी व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। साथ ही पहचान पत्र भी जांचे जाएंगे।      

आपातकालीन स्थिति (परिवार में मौत, दुर्घटना और अस्पताल में भर्ती करने की स्थिति) में पास की जरूरत नहीं होगी। चेकपोस्ट पर पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही राज्य में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। 

इसके अलावा प्रशासन द्वारा हवाई अड्डे, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी एक काउंटर लगाया जाएगा जहां वैरिफिकेशन के बाद तुरंत पास जारी किए जा सकेंगे। इसके लिए यात्री को प्रस्थान के समय से काफी पहले निर्धारित स्थान पर पहुंचना होगा।
 

कोरोना से एक और मौत, 123 नए मामले आए सामने
राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण से बुधवार को एक और मौत दर्ज की गई जिससे राज्य में संक्रमण से मरने वालों की संख्या 256 हो गई है। इसके साथ ही संक्रमण के 123 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में इस घातक वायरस से संक्रमितों की अब तक की कुल संख्या 11,368 हो गई है।

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे तक जोधपुर में एक और संक्रमित मरीज की मौत हो गई। इससे राज्य में मरने वालों की कुल संख्या 256 हो गई है। केवल जयपुर में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या 118 हो गई है जबकि जोधपुर में 26, कोटा में 18 और अजमेर में 11 रोगियों की मौत हो चुकी है। अन्य राज्यों के 14 रोगियों की भी यहां मौत हुई है।

उन्होंने बताया कि बुधवार को राज्य में संक्रमण के 123 नए मामले सामने आए। इनमें जयपुर में 40, भरतपुर में 34, पाली व सीकर में 11-11, झुंझुनू में नौ, नागौर में पांच व कोटा में तीन नए मामले शामिल हैं। राजधानी में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढकर 2,400 पहुंच गई है।

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिकों के साथ-साथ 61 वे लोग भी हैं जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर व जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया था। राज्यभर में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण कई थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है।

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