राजस्थान में जारी सियासी उठापटक के खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं। सरकार को गिराने की साजिश रचने और विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों से घिरे पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट एक बार फिर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में है। पायलट ने सोमवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी से मुलाकात की।
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सचिन पायलट पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिले और अपनी समस्याएं और शिकायतें विस्तार से उनके सामने रखीं। दोनों के बीच खुली और निर्णायक बातचीत हुई। पायलट कांग्रेस पार्टी और राजस्थान में कांग्रेस सरकार के हित में काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
केसी वेणुगोपाल ने कहा, इस बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने निर्णय लिया है कि इस मामले में एआईसीसी एक तीन सदस्यीय समिति का गठन करेगी। यह समिति सचिन पायलट और असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर काम करेगी और एक उचित प्रस्ताव पर पहुंचेगी।
कुछ समाचार चैनलों के मुताबिक बैठक में सचिन पायलट ने राहुल गांधी को भरोसा दिलाया है कि वह भविष्य में राजस्थान में सरकार गिराने की कोशिश नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध कांग्रेस से नहीं बल्कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी ने भी पार्टी में उनका सम्मान बनाए रखने का भरोसा दिलाया है। पायलट और बागी विधायकों के साथ बातचीत और सुलह के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘हमने पहले भी कहा है और आज भी कह रहे हैं कि अगर पायलट और दूसरे बागी विधायक सरकार को अस्थिर करने के प्रयास के लिए माफी मांग लें तो पार्टी उन्हें फिर से अपनाने पर विचार कर सकती है।
पायलट ने राहुल और प्रियंका से मुलाकात की
राजस्थान में 14 अगस्त से विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है। इससे पहले, सचिन पायलट का सोनिया, राहुल और प्रियंका से मुलाकात करना इस बात की ओर इशारा है कि जल्द ही राजस्थान संकट खत्म हो सकता है। बताया जा रहा है कि तीनों के बीच हुई ये मुलाकात सकारात्मक रही है, ऐसे में संकेत दिख रहे हैं कि सचिन पायलट को कांग्रेस मनाने में कामयाब रही है।
पायलट समर्थित नेताओं ने बताया वे कांग्रेस नेतृत्व के संपर्क में हैं
वहीं, नाम न छापने की शर्त पर, सचिन पायलट का समर्थन करने वाले नेताओं ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया है कि वे कांग्रेसी नेतृत्व के संपर्क में हैं और पार्टी ने आश्वासन दिया है कि राजस्थान की राजनीतिक स्थिति से संबंधित मुद्दों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व से मिले बागी विधायक
राजस्थान कांग्रेस के कुछ बागी विधायकों ने पार्टी से संपर्क किया है। उनमें से कुछ वरिष्ठ नेतृत्व से भी मिले हैं और पार्टी द्वारा उन्हें बिना शर्त माफी मांगने के लिए कहा गया है, जिसके बाद वे शीर्ष नेतृत्व से मिलने और शिकायतों को व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। वहीं, भाजपा विधायक रामलाल शर्मा ने कहा, राजस्थान भाजपा विधायक दल की बैठक कल शाम 4 बजे होगी।
कांग्रेस के विधायकों ने बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
सूत्रों ने बताया है कि राजस्थान कांग्रेस के विधायकों ने रविवार को विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट और अन्य बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि वह पार्टी आलाकमान के सामने बागी विधायकों की वकालत नहीं करेंगे।
भाजपा विधायक दिलावर की याचिका कल तक के लिए स्थगित
सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा विधायक मदन दिलावर की याचिका को कल के लिए स्थगित कर दिया। याचिका में राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें अदालत ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। दरअसल, विधानसभा अध्यक्ष ने 6 बसपा विधायकों को राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के साथ विलय करने की अनुमति दी थी।
भाजपा भी विधायकों को रखेगी होटल में
भाजपा भी अब कांग्रेस की राह पर चलने लगी है, उसने फैसला किया है कि वह 11 अगस्त को अपने विधायकों को जयपुर के एक होटल में ठहराएगी। इसी दिन शाम चार बजे विधायक दल की बैठक होगी। वहीं, बसपा हाईकोर्ट के फैसले के बाद तय करेगी कि विधायकों को कब तक होटल में रखना है। अगर निर्णय कांग्रेस के खिलाफ आता है तो भाजपा विधायक अविश्वास प्रस्ताव लाकर बहुमत परीक्षण की मांग करेंगे।
गहलोत ने विधायकों को लिखी चिट्ठी, कहा- अंतरात्मा की आवाज सुनें
राजस्थान में सियासी संग्राम को देखते हुए सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार सुबह सभी दलों के विधायकों को एक भावुक चिट्ठी लिखकर कहा कि आप सरकार गिराने की साजिश का हिस्सा नहीं बनें। आपकी अंतरात्मा क्या कहती है, उसके आधार पर अपना निर्णय लें।
राहुल संभालें कांग्रेस के अध्यक्ष का पद: थरूर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा, 'हमें अपने नेतृत्व को आगे बढ़ाने के बारे में स्पष्ट होना चाहिए। मैंने पिछले साल अंतरिम अध्यक्ष के रूप में सोनिया जी की नियुक्ति का स्वागत किया था। लेकिन मेरा मानना है कि यह उनके लिए अनुचित है कि वह इस भार को अनिश्चित काल तक ले जाएं। यदि राहुल गांधी नेतृत्व को फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं, तो उन्हें केवल अपना इस्तीफा वापस लेना होगा। मुझे लगता है कि पार्टी कार्यकर्ता, कांग्रेस कार्य समिति और हर कोई यह स्वीकार करेगा क्योंकि वह दिसंबर 2017 में निर्वाचित राष्ट्रपति थे.
थरूर ने आगे कहा, 'अगर वह कहते हैं कि मैं वापस नहीं आना चाहता, तो वह सवाल जो पार्टी के कई सदस्य पूछ रहे हैं कि हम इस तरह से कब तक कर सकते हैं?' यह सवाल है। हमें आदर्श रूप से जल्द से जल्द इसपर एक स्पष्ट फैसले लेना होगा।
दिल्ली में कांग्रेस नेताओं के साथ प्रियंका की बैठक
राजस्थान की राजनीतिक उथलपुथल को लेकर दिल्ली में कांग्रेस के बीच माथापच्ची शुरू हो गई है. सोमवार को दिन में सचिन पायलट के प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से मिलने के बाद देर शाम कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, अहमद पटेल और केसी वेणुगोपाल पार्टी के 15 जीआरजी रोड स्थित वॉर रूम में पहुंचे। सचिन पायलट और उनका समर्थन करने वाले अन्य विधायकों के साथ इन पार्टी नेताओं की एक बैठक चल रही है।
पार्टी के हित में कुछ मुद्दों को उठाना जरुरी था: पायलट
दिल्ली में एक बैठक के बाद सचिन पायलट ने कहा, 'पिछले कुछ समय से कुछ विधायक दिल्ली में थे, कुछ ऐसे मुद्दे थे जिन पर हम प्रकाश डालना चाहते थे। मैंने वह किया। मैं शुरू से कह रहा हूं कि ये सभी चीजें सिद्धांत पर आधारित थीं। मुझे हमेशा लगा कि पार्टी के हित में इन चीजों को उठाना जरूरी है