सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जहां प्रत्येक जिले के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग रोड सेफ्टी प्लान बनाया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशों पर परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सहयोग से यह जिला स्तरीय एक्शन प्लान तैयार कराया है। इस विशेष कार्य योजना को जमीन पर सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विभाग के प्रमुख सचिव भवानी सिंह देथा ने की।
वीसी में वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता
बैठक में परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त (सड़क सुरक्षा) निधि सिंह तथा डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ. अशील भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रमुख सचिव भवानी सिंह देथा ने कहा कि सड़क सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विभिन्न विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने और नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए।
भवानी सिंह देथा ने वाहन चालकों को गति पर नियंत्रण रखने, थकान महसूस होने पर वाहन न चलाने और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने का प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया। डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि डॉ. अशील ने जिला आधारित योजना की सराहना करते हुए विभागीय समन्वय और नियमित मॉनिटरिंग को बेहद आवश्यक बताया।
ब्लैक स्पॉट सुधार और व्यावहारिक कदम
बैठक के दौरान परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट पर केवल संकेतक या साइन बोर्ड लगाने मात्र से काम नहीं चलेगा। दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण करके इंजीनियरिंग सुधार, बेहतर यातायात प्रबंधन और कानून के कड़े प्रवर्तन संबंधी उपाय किए जाएं। उन्होंने बल देकर कहा कि इस रोड सेफ्टी प्लान को केवल कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर उतारा जाए। जिला सड़क सुरक्षा समितियां इस योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करेंगी, जबकि पूरे वर्ष जागरूकता अभियान निरंतर चलाए जाएंगे।
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ई-डार पोर्टल पर डेटा अपलोड करने का निर्देश
अतिरिक्त आयुक्त निधि सिंह ने बताया कि मुख्य सचिव स्तर पर इस पूरी प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने जिलों को ई-डार पोर्टल पर हादसों से संबंधित सही, पूर्ण और समयबद्ध डेटा अपलोड करने के कड़े निर्देश दिए। निधि सिंह ने जानकारी दी कि अब तक राज्य के 19 जिलों के एक्शन प्लान प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 22 जिलों से योजनाएं आना अभी बाकी हैं। इन जिलों को आगामी सात दिन के भीतर अपनी कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।