राजस्थान में काश्तकारों को अब खाद की किल्लत और लंबी कतारों में घंटों खड़े रहने की समस्या से निजात मिलेगी। प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए खाद की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा शुरू की है। इस नई व्यवस्था के तहत किसान घर बैठे अपने स्मार्टफोन या नजदीकी केंद्र के माध्यम से खाद बुक कराकर पास के विक्रेता से आसानी से अपनी आपूर्ति प्राप्त कर सकेंगे। इससे खाद वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और समय की बचत होगी।
मोबाइल से बुक होगी खाद, ऐसे करें आवेदन
स्मार्टफोन धारक काश्तकारों को सबसे पहले अपने मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर में जाकर ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप में लॉगिन करने के लिए किसान को अपना आधार नंबर अथवा किसान आईडी दर्ज करनी होगी। इसके बाद दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा। सत्यापन के बाद काश्तकार को अपनी भूमि और उगाई जा रही फसल का विवरण भरकर आवश्यकता के अनुसार खाद का चयन करना होगा।
इसके बाद अपने गांव अथवा पंचायत का नाम दर्ज करने पर आसपास के सभी विक्रेताओं की सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी। जिस विक्रेता के पास खाद का स्टॉक उपलब्ध होगा, उसके नाम के आगे हरे रंग का संकेत दिखाई देगा।
क्यूआर कोड दिखाते ही मिल जाएगी खाद
संबंधित विक्रेता का चयन करने के बाद खाद लेने जाने वाले व्यक्ति का चयन कर उसका मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। प्रक्रिया पूरी होते ही ऐप में एक क्यूआर कोड जनरेट हो जाएगा। किसान को खाद लेते समय यह क्यूआर कोड विक्रेता को दिखाना होगा। विक्रेता अपनी पीओएस मशीन से क्यूआर कोड स्कैन करेगा। सत्यापन पूरा होने के बाद किसान को खाद और रसीद दी जाएगी।
स्मार्टफोन नहीं है तो ई-मित्र से बनेगा टोकन
जिन किसानों के पास स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं है, वे अपने नजदीकी ई-मित्र अथवा जनसुविधा केंद्र पर जाकर एफएफएस पोर्टल के जरिए खाद का टोकन बनवा सकते हैं। इसके लिए काश्तकार को अपना आधार कार्ड, भूमि का विवरण और चालू मोबाइल नंबर साथ ले जाना होगा।
दो दिन में उठानी होगी खाद, वरना टोकन रद्द
ऑनलाइन बुकिंग के बाद जारी होने वाला डिजिटल टोकन दो दिन के लिए मान्य रहेगा। किसान को इस निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित विक्रेता से खाद उठानी होगी। तय अवधि में खाद का उठाव नहीं होने पर डिजिटल टोकन अपने आप निरस्त हो जाएगा और वह स्टॉक वापस प्रणाली में उपलब्ध हो जाएगा। ऐसी स्थिति में किसान को दोबारा पूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।