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पुजारी हत्या: सरकार ने दिया 10 लाख मुआवजे का भरोसा, एक सदस्य की नौकरी का भी किया वादा

Sat, 10 Oct 2020 07:26 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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मृतक पुजारी के परिजन - फोटो : ANI
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राजस्थान के करौली में पुजारी की हत्या के मामले में गहलोत सरकार ने पीड़ित परिवार को 10 लाख मुआवजे का एलान किया है। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी। इसका भी वादा किया गया है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। बता दें कि इस घटना में एसएचओ और पटवारी को निलंबित कर दिया गया है।

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इससे पहले परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। पीड़ित परिवार मुआवजे और नौकरी की मांग कर रहे थे। पुजारी के परिजनों का कहना था कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुजारी बाबूलाल के रिश्तेदार ने कहा था, 'हमें 50 लाख का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी मिले। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।'


बता दें कि करौली में शुक्रवार को एक मंदिर के 50 वर्षीय पुजारी को राज्य के करौली में छह दबंगों द्वारा पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया था। इसके बाद से करौली में इस घटना को लेकर घमासान मच गया। सियासत होने लगी। इम मामले में गहलोत सरकार बैकफुट पर चली गई थी।
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वहीं, विपक्षी दल भाजपा लगातार अशोक गहलोत सरकार को निशाने पर ले रही थी। दूसरी तरफ, राज्यपाल कलराज मिश्र ने करौली में पुजारी की हत्या मामले को लेकर सीएम अशोक गहलोत से बात की। राज्यपाल ने इस मुद्दे को लेकर चिंता जताई। बहरहाल, मामला सुलझ गया है। गहलोत सरकार ने पीड़ित परिवार की मांगे मान ली है। 
 

राजस्थान अपराध के आंकड़ों में अग्रणी राज्यों में से एक -गजेंद्र सिंह शेखावत
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि राजस्थान के करौली जिले के सपोटरा कस्बे में जिस तरह से एक पुजारी को मंदिर के विवाद के लिए जिंदा जलाने का प्रयास किया गया, ये राजस्थान सरकार की अकर्मण्यता, असफलता और असमंजसता का एक और प्रमाण है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो संख्या के अनुसार, राजस्थान अपराध के आंकड़ों में अग्रणी राज्यों में से एक है।

 



पुजारी के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का आश्वासन
राजस्थान करौली केस में भाजपा सांसद केएल मीणा ने कहा है कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और 1.5 लाख रुपये पीएम आवास योजना के तहत पुजारी के परिवार को दिए जाएंगे। उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी। एसएचओ और पटवारी को निलंबित कर दिया गया है।

 



प्रशासन का दाह संस्कार का अनुरोध
जिला प्रशासन ने पुजारी के परिवार से मुलाकात की है और उनसे अंतिम संस्कार किए जाने का अनुरोध किया है। करौली के एसडीएम ओम प्रकाश मीणा ने कहा है कि पुजारी के परिजनों द्वारा रखी गई मांग को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी सरकार को परिवार की मांग के बारे में बताएंगे। हमारा परिजनों से अनुरोध है कि वे शव की अंतिम यात्रा निकालें, क्योंकि शव को रखे हुए दो दिन बीत चुके हैं। 

 

वहीं, पुजारी बाबूलाल के रिश्तेदार ललित ने कहा, जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती हम शरीर का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। हम चाहते हैं कि 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले।
 
उन्होंने कहा, सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और आरोपियों का समर्थन करने वाले पटवारी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। हम परिवार के लिए सुरक्षा की भी मांग करते हैं। 

राज्यपाल कलराज मिश्र और सीएम गहलोत के बीच कानून व्यवस्था को लेकर हुई बात
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने करौली में एक पुजारी को कथित रूप से जलाने, बाड़मेर दुष्कर्म मामले और राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात की। राज्यपाल ने इन मामलों को लेकर चिंता व्यक्त की। वहीं, सीएम गहलोत ने आश्वासन दिया कि मामलों की जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्यपाल सचिवालय की तरफ से इसकी जानकारी दी गई है।
 

भाजपा हुई हमलावर
गौरतलब है कि करौली में एक मंदिर के पुजारी को जिंदा जलाने की कोशिश की गई थी। बाद में इलाज के दौरान पुजारी की मौत हो गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी कैलाश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस मामले पर राजनीति शुरू हो गई है।

भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की अशोक गहलोत सरकार पर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने सवाल किया कि क्या यही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का भयमुक्त राजस्थान है, जिसका उन्होंने वादा किया था। वहीं, भाजपा नेता राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि राजस्थान में आज कोई सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां न महिलाएं सुरक्षित हैं और न ही बच्चे, यहां पुजारी भी सुरक्षित नहीं हैं।

जयपुर ग्रामीण सीट से लोकसभा सांसद राठौर ने इस घटना के लिए अशोक गहलोत सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि महीनों तक पांच सितारा होटल में रहने वाली सरकार केवल खुद की सुरक्षा कर सकती है, जनता की नहीं। एनसीबी के डाटा के अनुसार महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में राजस्थान पहले स्थान पर है। 
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