सत्ता का संग्राम के तहत अमर उजाला का चुनावी रथ शुक्रवार को सवाई माधोपुर में पहुंचा। यहां पर लोगों ने अमर उजाला के साथ सरकार और विकास सहित अन्य मुद्दों पर अपनी बात खुलकर रखी। साथ ही लोगों ने सरकार से क्या अपेक्षाएं की और क्या हुआ, इस पर अपनी राय व्यक्त की।
चाय पर चर्चा के दौरान लोगों ने कहा, जो हमारी पहले मांग थी वह पूरी नहीं हुई। ऐसे में हमें अब उम्मीद है कि जो भी चुनकर आएगा, उससे हम विकास की उम्मीद लगाए बैठे हैं। लोगों ने कहा कि यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। लोग सिंबल पर वोट देते हैं।
लोगों ने कहा, यहां जातिवादी बहुत हुआ है। यहां सड़क, सुरक्षा, भ्रष्टाचार और शिक्षा मुख्य मुद्दा है। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि लोग सुखी जीवन व्यतीत करें, इसके लिए हमारी जो मूलभूत जरूरते हैं वो पूरी होती रहे। रोजगार में भयंकर कमी आई है, जिससे युवा बहुत परेशान हैं।
लोगों का कहना है कि सवाई माधोपुर में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है। यहां रोजगार की बहुत कमी है, यहां सीमेंट फैक्ट्री थी, जो साल 1986 में ही बंद हो चुकी है। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों के रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता है।
चर्चा करते हुए एक व्यक्ति ने कहा, सवाई माधोपुर अमरूदों के लिए फेमस है। यहां से अमरूद दिल्ली तक जाता है। इसके बावजूद भी यहां के नेता लोग किसानों की तरफ तनिक भी ध्यान नहीं दिए। किसान जो फसलें उगाते हैं, उसका भी उचित रेट नहीं मिल पाता। लोगों ने कहा, यहां पर ऐसा उद्योग खुले, जिससे कुछ लोग काम कर सकें और अपना जीवन यापन कर सकें।