सत्ता का संग्राम के तहत अमर उजाला का चुनावी रथ शनिवार को बारां में पहुंचा। यहां पर लोगों ने अमर उजाला के साथ सरकार और विकास सहित अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखी। साथ ही लोगों ने सरकार से क्या अपेक्षाएं की और क्या हुआ, इस पर भी राय व्यक्त की।
चाय पर चर्चा करते हुए व्यापार उद्योग के विशनु कुमार साबू ने बताया, बारां जिला 1991 में बना था, लेकिन तब से लेकर अब तक कोई विकास कार्य नहीं हुआ। बारां की तीस प्रतिशत जनसंख्या आरओबी के पास रहती है, जो अभी तक बन रहा है।
उन्होंने बताया, प्रताप चौक बारां का दिल है, उसके बावजूद भी यहां विकास नहीं है। बारां में मंडी के लिए कोई उचित स्थान चुनना चाहिए, लेकिन ऐसा अब तक नहीं हुआ है। सड़क की स्थिति गंभीर बनी हुआ है, बारां किसी भी तरह से जिला लगता ही नहीं है। बारां में कोई उद्योग नहीं है और न ही बन रहा है। बारां में पानी की भी कमी है।
एडवोकेट रवींद्र ने बताया, यहां बारिश होने पर पानी भर जाता है। यहां पेयजल की स्थित खराब है, पानी के अंदर फ्लोराइड बहुत ज्यादा है। ये पानी पीकर लोग बीमार पड़ रहे हैं। सीवरेज पड़े हुए हैं, पैसा सरकार खर्च की है, लेकिन पानी सही नहीं हुआ है। यहां ट्रैफिक की प्रापर व्यवस्था नहीं है।
वहीं, चर्चा के दौरान मौजूद अन्य लोगों ने मंडी, सड़क और पानी को लेकर होने वाली समस्याओं को बताया। साथ ही कहा कि सरकार को जल्द से जल्द कोई व्यवस्था करनी चाहिए।