राजस्थान में विधानसभा चुनावों को लेकर इस बार बेहद अजीबो-गरीब स्थिति देखने को मिल रही है। चुनावी मैदान में डटे रहने की चाहत या समर्थन को लेकर मैदान छोड़ने का फैसला, दोनों ही स्थितियों में क्षेत्रीय पार्टी के प्रत्याशी मनमानी पर उतर आए हैं। हालात ये बन गए हैं कि RLP को अपने एक प्रत्याशी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से ही निष्काषित करना पड़ गया।
बाड़मेर में आरएलपी ने अपने प्रत्याशी जोगाराम डूडी को पार्टी से ही निकाल दिया। दरअसल RLP ने यहां जोगाराम को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद एन वक्त पर निर्दलीय प्रियंका चौधरी को समर्थन देने का एलान कर दिया, लेकिन जोगाराम ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया। ऐसे में आरएलपी ने जोगाराम को पार्टी से निकाल दिया। वहीं, सरदारशहर विधानसभा सीट से आरएलपी के अधिकृत प्रत्याशी लालचंद मुंड ने अपना नामांकन वापस लेकर अपना समर्थन निर्दलीय प्रत्याशी राजकरण चौधरी को दे दिया।
इधर, नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कांग्रेस के दो दर्जन बागी मैदान में डटे हुए हैं। इनमें पूर्व विधायक खिलाड़ीलाल बैरवा, जोहरीलाल मीणा के अलावा रामलाल मेघवाल, नरेश मीणा, फतेह खान, श्रीगोपाल बहेती, ओम बिश्नोई, दुर्ग सिंह चौहान, देवाराम रोत, हबीब उर रहमान, करुणा चांडक, मनोज चौहान, आलोक बेनीवाल, सुनिल परिहार, कैलाश मीणा, राजकरण चौधरी, अजीजुद्दीन आजाद, वीरेन्द्र बेनीवाल, राकेश बोयत, रामनिवास गोयल, महेन्द्र बारजोड व गोपाल गुर्जर के नाम शामिल हैं।