राजस्थान के चुरू जिले में चार साल की एक बच्ची से दुष्कर्म के मामले में स्थानीय अदालत ने त्वरित सुनवाई पूरी करते हुए दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह सजा अपराध के घटित होने के 17 दिन में ही सुना दी गयी है।
विशेष पॉक्सो अदालत ने इस मामले में मंगलवार को आरोपी दयाराम मेघवाल को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोप था कि दयाराम ने 30 नवंबर को चार वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। उसे अगले ही दिन आईपीसी और पॉक्सो कानून की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने सात दिसंबर को आरोप पत्र दाखिल किया और मंगलवार को फैसला सुनाया गया। पॉक्सो कानून के तहत दोषी को आजीवन कारावास की सजा मिली। चुरू की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच पूरी की और सात दिनों में आरोप पत्र दायर किया। अदालत में मुकदमे की सुनवाई दिन-प्रतिदिन की गई।
गौतम ने बताया कि वैज्ञानिक सबूतों और पीड़ित के बयानों ने मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दोषी के पिता को भी अदालत ने पहले बलात्कार के मामले में सजा सुनाई थी।