राजस्थान के जिला मुख्यालयों के 66 पुलिस थानों और ग्रामीण क्षेत्र के 99 पुलिस थानों में 1-1 पैरा लीगल वॉल्यूंटियर लगाए जाएंगे। इन थानों में कुल-165 वॉलयूंटियर लगाए जाएंगे। प्रत्येक वॉल्यूंटियर को हर महीने 15 हजार रुपए तक पारिश्रमिक भी सरकार की ओर से दिया जाएगा। इससे राज्य सरकार पर 2.25 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा। सीएम अशोक गहलोत ने यह स्वीकृति 31 मार्च 2024 तक के लिए दी है।
लापता बच्चों और बाल अपराधों के संबंध में देंगे विधिक सहायता
नियुक्तियां होने के बाद पैरा लीगल वॉल्यूंटियर्स के जरिए लापता बच्चों और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों के संबंध में अब उन्हें विधिक सहायता मिल सकेगी। इसके लिए राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वॉल्यूंटियर्स लगाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है।
क्यों लिया गया यह फैसला ?
लम्बे समय से लापता बच्चों और उनके विरुद्ध अपराधों के मामलों में परिजन गुहार लगाते आ रहे हैं। बहुत से बच्चों को बाल श्रम में झोंक दिया जाता है। कुछ बच्चों का अपहरण कर लिया जाता है। फिरौती की मांग की जाती है। मानव तस्करी के मामले भी काफी संख्या में सामने आते हैं। बच्चों के साथ अपराधिक घटनाएं भी हो रही हैं। ऐसे में पैरा लीगल वॉल्यूंटियर्स पुलिस, सरकार, बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच कड़ी का काम करेंगे। ऐसे मामलों में लीगल हेल्प भी मुहैया करवाएंगे।
155 प्राइमरी स्कूल अब अपर प्राइमरी में क्रमोन्नत
सरकार ने प्रदेश के 155 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों को उच्च प्राथमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया है। इससे 5वीं क्लास की पढ़ाई के के बाद भी स्टूडेंट्स को घर के नजदीक ही आगे की पढ़ाई के अवसर मिलेंगे। अपर प्राइमरी की पढ़ाई भी बच्चे उन्हीं स्कूलों या पास की ऐसी स्कूलों में कर सकेंगे, जिन्हें अपग्रेड किया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्कूलों को अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
15 जिलों में 155 स्कूल उच्च प्राथमिक स्कूलों में क्रमोन्नत
इसके तहत बाड़मेर जिले के 33, जोधपुर जिले के 27, जैसलमेर जिले के 20, उदयपुर जिले के 16, नागौर जिले के 12, बीकानेर जिले के 11, अजमेर जिले के 10, चित्तौड़गढ़ जिले के 8, डूंगरपुर जिले के 6, चूरू जिले के 4, हनुमानगढ़ जिले के 3, जयपुर जिले के 2 और अलवर, जालौर, करौली जिले के 1-1 स्कूल क्रमोन्नत किए जाएंगे। इस स्वीकृति से प्रदेश में शिक्षा के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा। स्कूल अपग्रेडेशन के बाद आवश्यक पदों की व्यवस्था प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में उपलब्ध एक्सट्रा या रिजर्व पदों से की जाएगी।