राजस्थान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत में केंद्रीय बजट 2023-24 के साथ ही कई ज्वलंत मुद्दों पर विचार रखे। पूनिया ने कहा- बुधवार को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत का आम बजट पेश हुआ। अब धीरे-धीरे भारत दुनिया का फोकस पॉइंट बना है। एक वक्त था जब भारत देश को बीमारों, अशिक्षितों और कुपोषितों का देश माना जाता था, लेकिन आज भारत दुनिया की 5 वीं बड़ी अर्थ व्यवस्था बना है।
563 लाख करोड़ के विदेशी मुद्रा भण्डार के विदेशी मुद्रा के मामले में भारत चौथा देश बना है। कोविड पीरियड में सबसे ज्यादा चुनौती भारत को अधिक जनसंख्या और कम संसाधनों के लिहाज से मानी जा रही थी, उसके बावजूद भारत वैक्सीन बनाने में आत्मनिर्भर बना और दुनिया के दूसरे देशों को भी वैक्सीन दी। 20 लाख करोड़ की आत्मनिर्भर भारत की व्यवस्था के कारण देश में बहुत सारी चीजें बदलीं। पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना से लोगों को संबल मिला। देश के 230 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगना, डबल वैक्सीन और फ्री वैक्सीन लगना क्रांतिकारी उपाय था।
केंद्रीय बजट में विकास और प्रगति की परछाई साफ दिखती है
पूनिया ने कहा- जो केंद्रीय बजट पेश हुआ, उसमें इस विकास और प्रगति की परछाई साफ दिखती है। हिन्दुस्तान के 12 करोड़ किसान 2 लाख करोड़ रुपए के डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर स्कीम का सीधा फायदा पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए ले रहे हैं। देश के 3 करोड़ से ज्यादा लोगों को आवास, 47 करोड़ लोगों को जनधन खाते, 10 करोड़ से ज्यादा को उज्जवला कनेक्शन और स्वच्छ भारत मिशन से देश को बदलने का काम हुआ है।
इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स से रोजगार भी बढ़ेंगे
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा हम आत्म निर्भर बनते हुए देश को स्वास्थ्य के साथ आर्थिक तरक्की और रोजगार से जोड़ें, यह इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स के पीछे की सोच है। मोटे अनाज का भारत में उत्पादन और निर्यात ज्यादा होता है। भारत मोटे अनाज के प्रोडक्शन में दूसरा बड़ा देश है। मोटा अनाज देश में लोगों के पोषण की ताकत बनेगा, लेकिन रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। क्योंकि इसका बड़ा एक्सपोर्ट हम कर सकते हैं।
आदिवासियों के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान
सतीश पूनिया ने कहा- जनजाति के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में किया है। पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी विकास की उन लोगों को जरूरत है। 2047 तक सिकल सेल एनिमिया बीमारी के उन्मूलन के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। इस बीमारी के देश में ज्यादातर आदिवासी और कमजोर लोग शिकार होते हैं। एकलव्य स्कूल पीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट है। जनजाति स्टूडेंट्स को इनमें पढ़ने और आवास सुविधा मिलती है। इन स्कूलों में 38 हजार शिक्षकों की भर्ती से रोजगार क्रिएट होंगे।
एमएसएमई को 9 लाख करोड़ की क्रेडिट गारंटी, 47 लाख युवा होंगे स्किल्ड
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष पूनिया बोले- एमएसएमई कोरोना पीरियड में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। एमएसएमई को सहूलियत देने 9 लाख करोड़ की क्रेडिट गारंटी और 2 लाख करोड़ एक्सट्रा कोलेट्रल फ्री क्रेडिट का प्रावधान केंद्र ने बजट में किया है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना के जरिए 47 लाख युवाओं को स्किल्ड किया जाएगा और रोजगार की दिशा में मोटिवेट किया जाएगा। ग्रीन हाईड्रोजन क्षेत्र में 35 हजार करोड़ रुपए का प्रोविजन हुआ है। 50 लाख टन प्रोडक्शन देश में ग्रीन हाइड्रोजन का होगा।
ERCP कांग्रेस के लिए सियासी,बीजेपी के लिए भावनात्मक मुद्दा
सतीश पूनिया ने कहा कि ईआरसीपी कांग्रेस के लिए सियासी मसला है, बीजेपी के लिए भावनात्मक मुद्दा है। केंद्रीय जलशक्ति गजेंद्र सिंह शेखावत मंत्री कह चुके हैं कि इसके बारे में तय नॉर्म्स के मुताबिक राजस्थान सरकार प्रोजेक्ट को तैयार कर प्रस्ताव भेजती है, तो भारत सरकार उसे मंजूर करने को तैयार है। अभी भी 35 हजार करोड़ रुपए का प्रोविजन इस बजट में हुआ है। बजट का माइक्रो एनालिसिस करेंगे, तो हर सेग्मेंट और हर सेक्टर में प्रदेश के हर बाशिंदे के लिए बजट में प्रावधान है। कांग्रेस का काम सियासत करना है और बीजेपी का काम धरातल पर काम को एक्जीक्यूट करना है।
'किस्सा कुर्सी का' झगड़े से राजस्थान के हर तबके को नुकसान
राजस्थान विधानसभा की ओर से हाईकोर्ट में जवाब पेश कर 81 विधायकों के इस्तीफे मंजूर नहीं करने का कारण बताया गया है। मामले पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा- 13 फरवरी को हाईकोर्ट में फिर सुनवाई होगी। हाईकोर्ट क्या दिशा देता है उस पर केस निर्भर करेगा। ये स्पष्ट है कि 4 सालों में इस्तीफे के खेल के कारण राजस्थान की आवाम को भुगतना पड़ा है। कांग्रेस की सियासत भले ही अंदरूनी होगी। लेकिन वो अब सड़कों पर आ गई है। इसके कारण राजस्थान की तरक्की और विकास निश्चित तौर पर प्रभावित हुए हैं। कांग्रेस इस पाप से नहीं बच सकती है कि 4 सालों में उनके 'किस्सा कुर्सी का' झगड़े से राजस्थान के हर तबके को नुकसान हुआ है और मनोबल गिरा है।
विधायक इस्तीफा प्रकरण की सदन में ना सही जनता के नजरिए में चर्चा होगी
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से मामला खत्म हो जाने के बावजूद उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ पर विधायकों के इस्तीफा प्रकरण को हाईकोर्ट में ले जाने के आरोपों पर पूनिया ने कहा- मामला उनकी नजर में खत्म हुआ होगा। लेकिन जो मुद्दे कांग्रेस पार्टी और सरकार के आचरण के कारण जिन्दा हैं, वो खत्म नहीं होंगे। सदन में ना सही जनता के नजरिए में निश्चित रूप से उसकी चर्चा होगी और कांग्रेस को उसका बड़ा नुकसान होगा। रणनीतिक तौर पर जब मौका मिला, हमने विशेषाधिकार प्रस्ताव को मूव किया है, मुझे लगता है कांग्रेस अपने पाप से नहीं बच सकती।
किसी व्यक्ति की सुरक्षा की गारंटी सरकार नहीं दे सकती
पूनिया ने कहा- राजस्थान की धारण एक शांतिपूर्ण प्रदेश की थी। इस सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है कि कानून व्यवस्था के मामले में राजस्थान बहुत बुरी स्थिति में है। बहुत चुनौतीपूर्ण हालात हैं, लोग न घर में सुरक्षित हैं ना बाहर सुरक्षित हैं।
किसी भी पब्लिक प्लेस पर किसी व्यक्ति की सुरक्षा की गारंटी सरकार नहीं दे सकती। इसके दोषी गृहमंत्री खुद हैं, क्योंकि उनके खुदके कस्बे और शहर में इस तरह की घटनाएं होती हैं। हम कानून व्यवस्था को लेकर एक दिन सदन में चर्चा करने वाले हैं। लेकिन राजस्थान में लॉ एंड ऑर्डर बहुत बड़ी चुनौती न केवल सुरक्षा के, बल्कि निवेश और रोजगार के लिहाज से भी बन चुकी है।
बीजेपी विचारधारा से समाज का हर तबका जुड़े, यह हमारी कोशिश
पूनिया ने कहा-बीजेपी जब जनसंघ था तो कैडर की पार्टी थी, आज कैडर बेस्ड मासेस की पार्टी है। पीएम सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास कहते हैं इसमें सब कुछ समाहित है। जितनी भी लोक कल्याण की नीतियां हैं, किसी धर्म,मजहब,जाति के लिए नहीं , देश के सभी समाज के लिए हैं।
विचारधारा से समाज का हर तबका जुड़े, यह हमारी कोशिश रहती है और पीएम की प्रेरणा भी है। आजादी के बाद से देश के अल्पसंख्यकों को मुख्य धारा से अलग करने का दोषी कोई है, तो कांग्रेस पार्टी है, क्योंकि उसने वोट बैंक के नजरिए से देखा है। बीजेपी इस मामले में उदार रही है, इसका उदाहरण है कि जब अटल बिहारी वाजपेयी देश के पीएम थे, तो एपीजे अब्दुल कलाम का राष्ट्रपति बनना पार्टी का स्पष्ट संदेश था कि हम सबको साथ लेकर चह रहे हैं।