कांग्रेस ने अपने विधायकों को होटल में रखने के फैसले के पीछे कारण दिया है कि कथित तौर पर उनसे संपर्क किया गया है। वहीं, भाजपा का कहना है कि उसने यह निर्णय विधायकों को आने वाले राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया का प्रशिक्षण देने के लिए लिया है।
भाजपा ने अपने विधायकों को टोंक रोड पर स्थित सीतापुरा में एक होटल में रखा है। इससे पहले भाजपा ने पार्टी कार्यालय में विधायकों के साथ एक बैठक भी की। राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सतीश पुनिया ने कहा कि पहले यह फैसला किया गया था कि हमारे विधायक दो दिन के लिए रहेंगे।
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में कई विधायक ऐसे हैं जिन्हें पहली बार यह जिम्मेदारी मिली है। ऐसे में उनके लिए राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षण देना जरूरी है। इसके साथ ही विधायी कार्यों और आत्मनिर्भर भारत अभियान पर भी चर्चा की जाएगी।
सत्ताधारी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पुनिया ने कहा कि कांग्रेस हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) की ब्रांड अंबेसडर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले की भैरो सिंह शेखावत की सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की थी।
कांग्रेस की आलोचना करते हुए पुनिया ने कहा कि उनके विधायक दिल्ली हाईवे पर स्थित रिजॉर्ट में आनंद कर रहे हैं, जबकि हमारे विधायकों के लिए यह एक सामान्य प्रक्रिया रहेगी। बता दें कि राजस्थान से संसद के उच्च सदन के लिए 19 जून को तीन सीटों पर चुनाव होना है।
जानकारी के मुताबिक भाजपा ने अपने 72 विधायकों में से 60 से अधिक को होटल भेजा है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के विधायक भी भाजपा विधायकों के साथ सम्मिलित हुए हैं। वहीं, कांग्रेस ने अपने पिछले बुधवार को 100 से ज्यादा विधायकों को होटल भेजा है।
तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव के लिए कांग्रेस ने केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी को नामांकित किया है। वहीं, भाजपा ने राजेंद्र गहलोत और ओंकार सिंह लखावत को नामांकित किया है। 200 सदस्यों की विधानसभा में कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं और उसके पास राष्ट्रीय लोकदल, सीपीएम और भारतीय ट्राइबल पार्टी समेत निर्दलीयों का भी समर्थन है।