देशभर में चर्चा का विषय रहा राजस्थान के गुर्जर आरक्षण आंदोलन के अगुआ कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर सभी को चौंका दिया।
भाजपा की टिकट से पिछला लोकसभा चुनाव लडऩेवाले गुर्जर नेता बैंसला ने गहलोत से उनके सिविल लाइंस स्थित निवास पर लम्बी गुप्त मंत्रणा की। मंत्रणा के बाद मुख्यमंत्री निवास से मीडिया से बात करने के बजाय बचते हुए निकल गए।
कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने कांग्रेस से कुछ चहेतों के लिए टिकट की मांग की है। उनके अचानक मुख्यमंत्री के मिलने को लेकर भाजपा भी कुछ बोलने से बच रही है।
किरोड़ी सिंह बैंसला ने केंद्रीय मंत्री नमोनारायण मीणा के खिलाफ भाजपा की टिकट पर टोंक-सवाईमाधोपुर सीट से पिछला लोकसभा चुनाव लड़ा था और मामूली अंतर से हारे थे।
बैंसला फोन पर भी पत्रकारों से बात नहीं कर रहे हैं।
आरक्षण की मांग के मुद्दे पर गुर्जर समाज का प्रतिनिधित्व करनेवाले बैंसला भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते हैं।
राजे ने ही उन्हें लोकसभा का टिकट दिलवाया था। गहलोत सरकार में भी दो बार गुर्जर आरक्षण आंदोलन चले, लेकिन ये आंदोलन उग्र रूप धारण नहीं कर पाए। जब्कि वसुंधरा राजे की सरकार के समय चला गुर्जर आरक्षण आंदोलन में पुलिस की गोलियों से करीब 70 आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी।