राजस्थान एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड (ATS) ने जयपुर में सांगानेर से एक प्राइवेट जासूस को गिरफ्तार किया है। यह जासूस लंबे वक्त से अपने क्लाइंट्स की डिमांड पर मनचाहे व्यक्ति के फोन नंबर के आधार पर पुलिस की मदद से सर्विलांस के ज़रिए और मोबाइल फोन प्रदाता कंपनियों के माध्यम से लोगों की निजी जानकारियां और कॉल डिटेल जुटाकर उन्हें मुंह मांगी कीमत पर बेचता था।
एटीएस को सूचना मिली थी कि एक गैर सरकारी व्यक्ति प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी चला रहा है। जो लोगों को सीडीआर तक कीमत लेकर उपलब्ध करवा रहा है। सूचना पर एटीएस टीम ने आरोपी एजेंसी संचालक जासूस के ठिकाने पर जाकर जांच पड़ताल की, तो उसके के पास से बड़ी संख्या में कॉल डिटेल डाटा रिकॉर्ड, सीडीआर सहित कई अन्य डॉक्युमेंट्स बरामद हुए। एटीएस ने जांच में पाया कि प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी का रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया हुआ था। इसके बाद एटीएस टीम ने सांगानेर के रहने वाले पुष्पेंद्र भूटानी को गिरफ्तार कर लिया। एटीएस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया है।
राजस्थान एटीएस आरोपी जासूस का रिमांड लेकर पूछताछ में जुटी
राजस्थान एटीएस और एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) अशोक राठौड़ ने बताया कि पुष्पेन्द्र भूटानी के खिलाफ शिकायत मिलने पर उसका वेरिफिकेशन करने के लिए हमारी टीम ने उसके ऑफिस की तलाशी ली। जहां से कई दस्तावेज बरामद हुए। ये ऐसे डॉक्युमेंट्स थे, जो पुलिस की मदद के बिना हासिल नहीं किए जा सकते। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया है। एटीएस आरोपी जासूस भूटानी से पूछताछ करने में जुटी है कि उसे ये डॉक्युमेंट्स कहां से हांसिल होते थे। कोई भी व्यक्ति किसी भी अन्य व्यक्ति की कॉल डिटेल और सीडीआर को पुलिस की मदद के बिना प्राप्त नहीं कर सकता है। पुलिस ही ये जानकारियां प्रोसीजर के जरिये निकलवा सकती है। शुरुआती पूछताछ में एटीएस को आरोपी ने 3 पुलिसकर्मियों के बारे में जानकारी दी है। आज ही एटीएस इन पुलिसकर्मियों को भी पूछताछ के लिए एटीएस हेडक्वार्टर पर बुला सकती है।
कई पति-पत्नी और अन्य देते थे डिटेक्टिव को केस
सूत्रों के मुताबिक पिछले करीब 4 साल से पुष्पेंद्र भूटानी जयपुर के सांगानेर में अवैध रूप से प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी चला रहा था। भूटानी के ऑफिस से एटीएस को लैपटॉप, कई उपकरण और रजिस्टर, फाइल, डॉक्युमेंट्स, हार्ड डिस्क, पेनड्राइव, फोटोग्राफ और उसके मोबाइल से ऑडियो, वीडियो, फोटो मिले हैं। जिससे एटीएस को यह भी पता चला कि बहुत से पति-पत्नी एक दूसरे के अवैध संबंधों के शक में उससे जासूसी करवाते थे। शादी से पहले लड़का और लड़की के पैरेंट्स भी जांच करवाते थे। भूटानी के ऑफिस से कई सीडीआर रिपोर्ट मिली हैं, जिन के बारे में एटीएस को आरोपी से पूछताछ करनी है। सीडीआर को बेचने का काम जयपुर पुलिस और आसपास की जिला पुलिस के कर्मी ही मिलीभगत से कर रहे थे, इसके इनपुट भी एजेंसी को मिले हैं।
अपराध, पॉलिटिक्स और आतंकी गतिविधियों में हो सकता है जासूसी का लिंक
इसके अलावा अपराधियों के एक दूसरे की मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्डिंग, सीडीआर निकलवाने का भी एटीएस को शक है। यह बहुत इश्यू है। क्योंकि क्राइम और आतंकी गतिविधियों में भी इस तरह की जासूसी गतिविधि बहुत खतरनाक हो सकती है। वीआईपी लोगों और राजनेताओं के भी इस तरह रिकॉर्ड निकाले जा सकते हैं। एटीएस जल्द ही आरोपी के अलावा पुलिस वालों पर मामले में बड़ी कार्रवाई कर सकती है।