मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा में आज भाजपा पर जमकर हमला बोला। सीएम राज्यपाल के अभिभाषण पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि परंपरा रही है कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देती है, लेकिन मैं क्या जवाब दूं, यहां तो कोई है ही नहीं, सब मेरे अपने ही मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता तो सड़क पर भीड़ जुटाने के लिए इंतजार कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि भाजपा 50 हजार लोगों की भीड़ जुटाने का दावा कर रही थी, लेकिन दो-तीन हजार भी नहीं जुटा पाई। मुझे इस बात का अफसोस है।
विधानसभा और क्या बोले सीएम अशोक गहलोत
- सीएम ने कहा- तीन साल में सरकार के खिलाफ माहौल बन जाता है, पर इस बार ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जनता हमारे काम के साथ है। सीएम ने कहा कि इस बार भाजपा के लोग ही कहते हैं कि सरकार विरोधी माहौल नहीं है। तीन साल में कुछ नहीं कर पाने के कारण पार्टी के नेताओं से भाजपा हाई कमान नाराज है। इस कारण दिल्ली से रीट मामले को बड़ा इशू बानने का टास्क दिया गया है।
- सीएक गहलोत ने कहा- भाजपा रीट मामले की सीबीआई जांच इसलिए चाहती है कि एक साल तक भर्तियों को रोका जा सके और फिर ये कहे कि सरकार नौकरियां नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा नहीं होने देगी, जल्द ही 62 हजार लोगों को नौकरी दी जाएगी। इसे कोई रोकने वाला नहीं हैं। उन्होंने साफतौर पर कह दिया कि रीट मामले की जांच सीबीआई को नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष हमारे काम में गलतिया निकाले, हमें कमियां बताए। इससे प्रदेश का बेहतर विकास हो सकेगा।
सब जानते हैं देश कहां जा रहा है
सीएम गहलोत ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सब जानते हैं देश कहां जा रहा है। 75 साल में ऐसा नहीं हुआ जो अब हो रहा है। देश का लोकतंत्र और संविधान सब खतरे में है। देश में महंगाई बेकाबू है और बेरोजगारी भी चरम पर है। देश के युवाओं को समझ नहीं आ रहा है कि क्या करे। भाजपा का झूठ अब चलने वाला नहीं है।
वेल में आकर करने लगे थे नारेबाजी
रीट मामले को लेकर विधानसभा में मंगलवार को भी हंगामा जारी रहा। सदन में प्रश्नकाल शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने रीट का मुद्दा उठाना चाहा, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी इजाजत नहीं दी। विस अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि एक बार जिस मुद्दे पर एक बार चर्चा हो चुकी है उसे दोबार उठाने की जरूरत नहीं है। इस बात को लेकर भाजपा विधायकों ने विरोध शुरू कर दिया। विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे।
शून्यकाल शुरू होते ही बीजेपी का सदन से बहिष्कार
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने बहिष्कार कर दिया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि रीट पेपर लीक मामले में भारी धांधली हुई है, इसकी सीबीआई जांच जरूरी है। प्रदेश के लाखों युवाओं से धोखा किया गया है। इसके बाद भाजपा के विधायकों ने सदन का बहिष्कार कर दिया।
शाम चार बजे गहलोत देंगे जवाब
राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में आज भी बहस होगी। शाम चार बजे के करीब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यपाल कलराज मिश्र के अभिभाषण पर बहस का जवाब देंगे। सीएम रीट को लेकर भाजपा द्वारा उठाए गए मुद्दे पर भी जवाब दे सकते हैं। आज के बाद विधानसभा की कार्यवाही 23 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी जाएगी। 23 को सरकार बजट पेश करेगी।
मंत्री प्रताप सिंह बोले-भाजपा धोखेबाज पर्टी
भाजपा के विधानसभा घेराव पर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि वह धोखेबाज पार्टी है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओ से मिलकर बात की और उन्हें सत्र में बहस करने का समय दिया। चार विधायकों का निलंबन भी वापस लिया गया, लेकिन भाजपा कोई भी सबूत सदन में नहीं रख पाई। कुछ नहीं कर पाने पर उन्होंने फिर विरोध शुरू कर दिया है।