पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सीपी जोशी की बेबाक राय है कि राजस्थान विधानसभा चुनावों में कांग्रेस अगर बेहतर टिकट बांटती तो और भी अच्छे नतीजे आ सकते थे। चुनाव प्रचार के दौरान अमर उजाला से बातचीत में जोशी ने टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस में हुई बगावत और असंतोष को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि उनका मानना है कि और अच्छे टिकट बांटे जा सकते थे। साथ ही जोशी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के नतीजे अगर कांग्रेस के पक्ष में आए तो राहुल गांधी, मोदी सरकार के खिलाफ पूरे विपक्ष के नेता होंगे।
अपनी जीत के प्रति भरोसा जताते हुए जोशी न कहा कि एक कांग्रेस कार्यकर्ता के नाते उन्हें राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने की पूरी उम्मीद है लेकिन हर चुनाव के तीन चरण होते हैं। पहला चुनाव की घोषणा से पहले, दूसरा टिकट बंटवारे के बाद और तीसरा आखिरी दौर जिसमें संसाधन प्रबंधन और बूथ तक अपने समर्थक मतदाता को ले जाना। वैसे तो हर चरण महत्वपूर्ण है लेकिन आखिरी चरण में सबसे ज्यादा मेहनत करने और सावधानी बरतने की जरूरत है। जोशी ने कहा कि चुनाव घोषणा से पहले तक वसुंधरा सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी रूझान की वजह से कांग्रेस काफी मजबूत थी, जिसे आखिर तक बनाए रखने की जरूरत भी है और चुनौती भी।
खुद को मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल होने के सवाल पर सीपी जोशी कहते हैं कि इसका फैसला तो चुनाव के बाद पार्टी नेतृत्व विधायकों की राय से करेगा, लेकिन एक कार्यकर्ता के नाते पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी वह उसे स्वीकार करेंगे। भाजपा के खिलाफ राज्य में वसुंधरा सरकार के खराब शासन को जोशी सबसे बड़ा मुद्दा मानते हैं। वह कहते हैं कि इसीलिए राज्य में बदलाव का मूड है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री उमा भारती की जाति को लेकर दिए गए अपने एक कथित बयान पर जोशी ने कहा कि भाजपा की आईटी सेल ने उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर सोशल मीडिया और मीडिया में चलवाने की साजिश की। इससे पता चलता है कि भाजपा किस हद तक जा सकती है। जोशी कहते हैं कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम के चुनाव नतीजे लोकसभा चुनावों से पहले जनता के मूड का एक बड़ा संकेत होंगे।