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राजस्थान में भाजपा का घोषणा पत्र- बांग्लादेशी-रोहिंग्या होंगे बाहर, पाक से आए हिंदुओं को अपनाएंगे

Tue, 27 Nov 2018 01:34 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राजस्थान चुनाव 2018 के लिए भाजपा ने जारी किया घोषणापत्र - फोटो : ANI
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राजस्थान विधानसभा चुनाव के तहत भाजपा का घोषणा पत्र (गौरव संकल्प पत्र) मंगलवार को जारी किया गया। इसमें हिंदुत्व के मुद्दे को शामिल करते हुए कहा गया है कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों को राज्य से बाहर निकाला जाएगा, जबकि पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए हिंदुओं को यहां की नागरिकता दी जाएगी। 

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केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मतदान से नौ दिन पूर्व ‘राजस्थान गौरव संकल्प पत्र’ के नाम से भाजपा का घोषणा पत्र जारी किया। घोषणा पत्र में बेरोजगारों, किसानों, ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं शामिल की गई हैं। 

गौरव संकल्प पत्र में यूनिवर्सल बेसिक इनकम के लिए उच्चाधिकार समिति, प्रतिमाह 5 हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता और हर वर्ष 30 हजार सरकारी नौकरियों के अलावा पांच वर्षों में 50 लाख को रोजगार के अवसर देने का वादा किया गया है। 
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किसानों के लिए संभाग स्तर पर ऋण राहत आयोग, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्टार्ट अप फंड और हर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर 108 एम्बुलेंस सुविधा की भी बात कही गई है। जेटली ने कहा कि यह राजस्थान का घोषणा पत्र नहीं है, बल्कि रोडमैप है। विकास देश की आर्थिक प्रगति ही नहीं करता, सरकार का राजस्व भी बढ़ाता है।

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गौरव संकल्प पत्र के अन्य मुख्य वादे

- अरब सागर से गुजरात होते हुए पानी लाकर सांचोर व जालोर जिले में कृत्रिम इनलैंड पोर्ट बनाए जाने के प्रयास।
- केंद्र के सहयोग से ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट के तहत यमुना नदी से जोड़कर 13 जिलों को पानी उपलब्ध करवाना।
- ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार गारंटी (नरेगा) की तर्ज पर शहरी रोजगार गारंटी कानून।
- कृषि केंद्रित 250 करोड़ रुपए का फंड ग्रामीण स्टार्ट-अप के लिए स्थापित होगा।
- यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस को भामाशाह योजना के साथ जोड़ा जाएगा।
- योग बोर्ड, भगवान परशुराम बोर्ड, राजस्थान वैदिक स्टडीज बोर्ड, मोक्ष मुक्तिधाम बोर्ड, सिलाई कला बोर्ड, स्वर्ण कला बोर्ड, रजत कला बोर्ड, काष्ठ
कला बोर्ड, असंगठित श्रमिक के कल्याण के लिए अलग से कल्याण बोर्ड और राज्य गोचर विकास बोर्ड।
- आर्थिक पिछड़ा वर्ग विकास आयोग, शोध नियामक आयोग की स्थापना।
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