राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवारों की दूसरी सूची में कई बड़े नाम गायब हैं। साथ ही दूसरे दलों से आए दल-बदलू नेताओं को टिकट दिया गया है। लिस्ट में तीन मंत्रियों और 11 विधायकों के नाम नहीं हैं। इसके अलावा किसी मुस्लिम उम्मीदवार का नाम भी इस सूची में नहीं है।
राजस्थान में भाजपा ने विवादास्पद बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले अपने विधायक ज्ञानदेव आहूजा को भी टिकट नहीं दिया गया है, जबकि हाल ही में पार्टी में आए चार लोगों को प्रत्याशी बनाया गया है जिनमें अभिनेष महर्षि और गुरदीप शाहपीणी शामिल हैं।
प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने 31 प्रत्याशियों की दूसरी सूची बुधवार को जारी की। इसमें उसने 11 मौजूदा विधायकों और तीन मंत्रियों को टिकट नहीं दिया है। टिकट से वंचित मंत्रियों में बाबूलाल वर्मा, धन सिंह रावत और राजकुमार रिणवां शामिल हैं।
कोई मुस्लिम चेहरा नहीं
पार्टी की इस सूची में एक बार फिर कोई मुस्लिम चेहरा नहीं है। हालांकि उसने अपने हिंदू चेहरा माने जाने वाले ज्ञानदेव आहूजा (रामगढ़) को भी टिकट नहीं दिया है। वह अपने विवादित बयानों के लिए खासे चर्चित रहे हैं। कांग्रेस को मुसलमानों की पार्टी बताने वाले राज्यमंत्री धन सिंह रावत (बांसवाड़ा) को भी प्रत्याशी नहीं बनाया गया है।
वसुंधरा राजे सरकार के जिस प्रमुख मंत्री के टिकट को लेकर अब भी संशय कायम है वह हैं नागौर से युनूस खान। पार्टी ने इस सीट से अभी प्रत्याशी की घोषणा दूसरी सूची में भी नहीं की है। इसी तरह जयपुर राजघराने से जुड़़ी दिया कुमारी (सवाईमाधोपुर) के टिकट पर भी संशय बना हुआ है।
जहां तक पैराशूट प्रत्याशियों का सवाल है तो इस सूची में पार्टी ने बसपा से आए अभिनेष महर्षि को रतनगढ़ से, कांग्रेस से आए अशोक शर्मा को राजाखेड़ा से और महेश प्रताप सिंह को नाथद्वारा से प्रत्याशी बनाया है। दो बार निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले औरहाल ही में भाजपा में आए गुरदीप शाहपीणी संगरिया से पार्टी के प्रत्याशी होंगे।