चुनावी मौसम में बढ़ी जोधपुरी साफे की मांग
दुनिया भर में राजस्थान अपनी रंग-रंगीली संस्कृति के लिए जाना जाता है। इन दिनों प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां है ।इस सब के बीच जोधपुर के साफे (पगड़ी) पर भी चुनावी रंग चढ़ गया है। गर्व, वीरता और स्वाभिमान का प्रतीक माना जाने वाला जोधपुरी साफा अपने बांधे जाने के अनूठे स्टाइल की वजह से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है। चुनावी बयार के बीच अब नेता और उनके सर्मथक भी इसके दीवाने हो गए हैं।
जहां एक ओर भाजपा कार्यकर्ता केसरिया और हरे रंग का साफा पसंद कर रहे हैं वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं को केसरिया, हरे और सफेद रंग के साफे भा रहें हैं। बहुजन समाज पार्टी के नेता अपने पार्टी से जुड़े नीले रंग की पारंपरिक राजस्थानी पगड़ी को प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी हों या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, बड़े नेताओं के सम्मान के लिए कार्यकर्ताओं की पहली पसंद ये जयपुरी साफे ही हैं।
चुनाव आते ही साफा कारोबारी भी भारी स्टॉक रखते हैं ताकि कार्यकर्ताओं की मांग को पूरा किया जा सके। जोधपुर और उसके आसपास के इलाके में एक साफे की कीमत अमूमन 700-800 रुपये रहती है जिनमें चुनाव आते ही इजाफा हो गया है।
राजस्थान में सभी 200 सीटों पर 7 दिसंबर को मतदान होगा। चुनाव के परिणाम बाकी चार राज्यों के साथ 11 दिसंबर को सामने आएंगे।