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Rajasthan: तीन मौत के दोषी सरकारी डॉक्टरों पर 19 लाख का जुर्माना, कोर्ट ने कहा- दर्द शब्दों में नहीं लिख सकते

Fri, 16 Sep 2022 09:36 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर

सार

Rajasthan News: अदालत ने माना कि डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही से एक छोटे बच्चे से उसकी मां छिन गई। साथ ही प्रसूता प्रीति और 2 नवजात बच्चों की भी मौत हो गई। दर्द के वह साढ़े तीन घंटे प्रसूता और बच्चों ने कैसे काटे होंगे। परिवार को कितनी पीड़ा हुई होगी। यह सब शब्दों में लिखना मुश्किल है।  
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डॉक्टरों ने इलाज में बरती थी लापरवाही। - फोटो : सोशल मीडिया
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Rajasthan News: राजस्थान के धौलपुर जिले के सत्र न्यायालय ने तीन सरकारी डॉक्टरों पर 19 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने डॉक्टरों को गर्भवती महिला और उसके दो बच्चों की मौत को दोषी माना है। कोर्ट फैसला देते हुए कहा, दर्द के वह साढ़े तीन घंटे प्रसूता और बच्चों ने कैसे काटे होंगे। परिवार को कितनी पीड़ा हुई होगी। यह सब शब्दों में लिखना मुश्किल है। 

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यह मामला साल 2017 का है। धौलपुर के बसेड़ी थाना इलाके के रतनपुर की रहने वाली प्रीति पत्नी रविंद्र सिंह गर्भवती थी। ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई थी। परिवार ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया था। कहा था कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण प्रीति की जान गई है। अब पांच साल बाद कोर्ट ने इस मामले पर फैसला सुनाया है। 

क्या है मामला 
यह मामला साल 2017 का है। धौलपुर के बसेड़ी थाना इलाके के रतनपुर की रहने वाली प्रीति पत्नी रविंद्र सिंह गर्भवती थी। परिजन देर रात प्रसव के लिए उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इस दौरान उसकी हालत अधिक खराब थी। इमरजेंसी में मौजूद डॉ. अनुज गुप्ता ने महिला के गंभीर होने के बाद भी किसी विशेषज्ञ डॉक्टर को सूचना नहीं दी। साढ़े तीन घंटे बाद प्रसूता को अस्पताल में भर्ती किया गया। सुबह 8 बजे तक महिला दर्द से तड़पती रही, जिसके बाद डॉक्टरों ने गंभीर हालत का हवाला देकर उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई। महिला दो जुड़वां बच्चों को जन्म देने वाली थी।
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जिसके बाद पीड़ित परिवार ने धौलपुर जिला सेशन एवं सत्र न्यायालय में अपील की थी। पांच साल चली सुनवाई के बाद अदालत ने तीन सरकारी डॉक्टरों को मामले में लापरवाही बरतने का दोषी पाया। जिसके कोर्ट ने डॉ. अनुज गुप्ता, डॉ. आरडी गर्ग और तत्कालीन पीएमओ डॉ. जनार्दन सिंह पर 19 लाख 70 हजार लाख रुपये का जुर्माना लगाया। मामले की सुनवाई कर रहे जज तेजपाल ने महिला के पति रविंद्र सिंह को 6 प्रतिशत ब्याज के साथ जुर्माना राशि देने के निर्देश दिए हैं।

तीन की मौत एक बच्चे से छिन गई मां 
अदालत ने माना कि डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही के कारण परिवार बिखर गया। एक छोटे बच्चे से उसकी मां छिन गई। साथ ही प्रसूता प्रीति और 2 नवजात बच्चों की भी मौत हो गई। दर्द के वह साढ़े तीन घंटे प्रसूता और बच्चों ने कैसे काटे होंगे। परिवार को कितनी पीड़ा हुई होगी। यह सब शब्दों में लिखना मुश्किल है।  

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