कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के दो दिसवीय दौरे के पहले दिन बृहस्पतिवार को तीन गावों की पद यात्रा की। इस दौरान उन्होंने किसानों से समस्याएं जानीं, प्रतिनिधिमंडलों से मिले, कांग्रेस नेताओं की बैठक ली तथा सभा भी की। उनकी यात्रा से लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अपनी गत बिगाड़ चुकी कांग्रेस में उत्साह नजर आया।
राहुल ने केन्द्र सरकार के लिए कहा कि यह सूट-बूट और लूट की सरकार है, किसान व गरीब-मजदूर की सरकार नहीं है। उन्होंने फिर दोहराया कि केन्द्र में सरकार औद्योगिक घरानों के इशारों पर चल रही है। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और मध्य प्रदेश सरकार पर यह कहते हुए निशाना साधा कि न खाउंगा और न खाने दूंगा, जैसे जुमले बोलने वाले मोदी व भाजपा स्वयं कांग्रेस को मुद्दे दे रही हैं। कहीं जमीन के मुद्दे हैं, तो कहीं व्यापम।
राहुल ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकार गरीब-किसानों को परेशान करने का प्रयास करेगी, तो कांग्रेस दीवार बनकर खड़ी हो जाएगी। राहुल गांधी खोथावाला से शुरू हुई करीब दस किलोमीटर की पदयात्रा के दौरान वे सूरावाली व अमर सिंहवाला गांव के ग्रामीणों व किसानों से मिले।
राहुल के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट सहित प्रदेश के कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता झंडे-बैनर लिए चल रहे थे। राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार को गरीबों व आमजन की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं हैं। वर्तमान में केन्द्र और राज्य सरकार की नाकामियां उजागर हो रही हैं। आमजन के हित में कोई कार्य नहीं हो रहा है।