संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम के साथ एक दिलचस्प घटनाक्रम भी सामने आया। ऑल इंडिया रैंक 79 पर ‘प्रियंका चौधरी’ नाम आते ही दो राज्यों में भ्रम की स्थिति बन गई। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के एक गांव में लोगों ने इसे अपनी बेटी की सफलता मान लिया और खुशी में मिठाइयां तक बांट दीं। हालांकि कुछ ही देर बाद स्पष्ट हो गया कि यह उपलब्धि राजस्थान के बीकानेर की प्रियंका चौधरी के नाम दर्ज हुई है।
UP में मना जश्न, बाद में हुआ खुलासा
UPSC की मेरिट लिस्ट जारी होते ही गाजीपुर जिले के एक गांव में रहने वाली प्रियंका चौधरी के परिवार और ग्रामीणों ने इसे अपनी बेटी की सफलता समझ लिया। गांव में खुशी का माहौल बन गया और लोगों ने बधाइयां देना शुरू कर दिया। लेकिन कुछ समय बाद सामने आई जानकारी से स्पष्ट हुआ कि ऑल इंडिया रैंक 79 हासिल करने वाली प्रियंका राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली हैं।
IIT रुड़की से पढ़ाई, फिर UPSC की तैयारी
बीकानेर की प्रियंका चौधरी ने आईआईटी रुड़की से जियोफिजिकल टेक्नोलॉजी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।
पांचवें प्रयास में मिली बड़ी सफलता
यंका की सफलता के पीछे लंबा संघर्ष छिपा है। उन्होंने पांचवें प्रयास में यह मुकाम हासिल किया है। इससे पहले वे दो बार इंटरव्यू तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बना पाईं। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप 100 में जगह बना ली।
पढ़ाई का मजबूत माहौल
प्रियंका की शुरुआती पढ़ाई बीकानेर में ही हुई। उनके पिता शंकरलाल सहारण शहर में व्यवसाय करते हैं। परिवार में तीन भाई-बहन हैं, जिनमें प्रियंका सबसे बड़ी हैं। उनकी छोटी बहन मेडिकल की पढ़ाई कर रही है, जबकि भाई इंजीनियरिंग कर रहा है।
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पति भी हैं IAS अधिकारी
प्रियंका के पति भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में जिला कलेक्टर के पद पर तैनात हैं। परिवार में शिक्षा और प्रशासनिक सेवा का माहौल होने के कारण प्रियंका को हमेशा प्रेरणा मिलती रही।