उधर राजस्थान भाजपा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से सवाल किया गया कि गहलोत के सुशासन और भयमुक्त राजस्थान के वादे का क्या हुआ। ट्वीट में लिखा गया, 'इतनी निर्ममता, क्रूरता और अमानवीयता राजस्थान में सिर्फ और सिर्फ गहलोत सरकार के कुशासन की ही देन है! पुजारी की दर्दनाक हत्या समाज को झकझोर देने वाली है। ईश्वर पुजारी जी की आत्मा को शांति दे। प्रशासन को इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दिलवानी चाहिए।'
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आज करौली में एक पुजारी को अपराधियों ने जिंदा जला दिया गया, जो मंदिर की जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। दुष्कर्म की घटनाएं पूरे राजस्थान से सामने आ रही हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राजनीतिक टूर पर जाने के स्थान पर ऐसे मामलों का संज्ञान लेना चाहिए। उन्हें या तो राजस्थान सरकार से इस्तीफा मांगना चाहिए या इसकी बेहतरी के प्रयास करने चाहिए। उन्हें अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
इस घटना को लेकर राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी गहलोत सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर तरह के अपराधों की घटनाएं बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि सपोटरा में मंदिर के पुजारी को जिंदा जलाने की कोशिश बताती है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमराई हुई है। उन्होंने सवाल किया कि 'प्रदेश की जनता भयभीत है, डरी हुई है, सहमी हुई है, आखिर गहलोत जी आप कब तक अपराधियों के मसीहा बनकर रहोगे?'
वहीं, राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता वसुंधरा राजे ने भी करौली की घटना को लेकर राज्य की अशोक गहलोत सरकार पर सवाल उठाए हैं। वसुंधरा राजे ने एक ट्वीट में कहा, राजस्थान में अपराध का ग्राफ जिस गति से बढ़ रहा है, उससे एक बात तो स्पष्ट है कि यहां महिलाएं, बच्चे, बूढ़े, दलित, व्यापारी कोई भी सुरक्षित नहीं है। राज्य की कांग्रेस सरकार को अब अपनी गहरी नींद को त्यागते हुए दोषियों को सख्त सजा दिलाकर परिवार को तुरंत न्याय दिलाना चाहिए।'