शिक्षक भर्ती पेपर लीक का मास्टरमाइंड और एक लाख रुपये के इनामी भूपेंद्र सारण को पकड़ने के लिए जोधपुर की ग्रामीण पुलिस की अहम भूमिका रही। घी और हवन सामग्री के चक्कर में पेपर लीक प्रकरण का सरगना पकड़ा गया। दरअसल, भूपेंद्र सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा पेपर लीक के बाद से फरारी काट रहा था। चर्चा थी कि वह अहमदाबाद चला गया है। चर्चा ये भी रही कि 25 दिन बाद जयपुर, फागी, जालौर, बाड़मेर, अजमेर, जोधपुर और उदयपुर में रहा। फिलहाल सूचना मिली कि वह पंडित के कहने पर बेंगलुरु में अपने रिश्तेदार के घर हवन कराने जा रहा था।
एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि ग्रामीण पुलिस की डीएसटी प्रभारी एसआई लाखाराम को इसकी सूचना मिली कि भूपेन्द्र सारण व सुरेश ढाका के लिए गत 18 फरवरी को ट्रेन में जोधपुर से बेंगलुरु घी और अन्य सामग्री भेजी गई थी। यह ट्रेन 19 फरवरी रात 11 बजे बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पहुंचनी थी। उन्होंने एसपी धर्मेन्द्र सिंह को अवगत कराया। उन्होंने एसआई लाखाराम, एएसआई देवाराम और कांस्टेबल भवानी को एसओजी के साथ उसी दिन विमान से बेंगलुरु रवाना किया। ट्रेन के पहुंचने से पहले बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर सरगना को पकड़ने के इंतजाम किए गए थे।
जैसे ही ट्रेन के रेलवे स्टेशन पहुंची तो पता चला कि सरगना भूपेन्द्र और सुरेश की बजाय एक अन्य व्यक्ति वहां पहुंचा है। वह ट्रेन से घी और अन्य सामग्री लेकर रवाना हो गया। इस पर पुलिस व एसओजी ने उसका पीछा किया। वे उसके घर तक पहुंच गए। इसके बाद पुलिस-एसओजी ने घी लेकर जाने वाले को बुधवार को हिरासत में लिया। पूछताछ करने पर सामने आया कि सरगना भूपेन्द्र सारण हवन के लिए गुरुवार को अहमदाबाद से विमान में बेंगलुरु हवाई अड्डे पर आ रहा है। इसके आधार पर पुलिस बेंगलुरु हवाई अड्डे पहुंची, जहां विमान से बाहर आते ही सरगना भूपेन्द्र सारण को हिरासत में ले लिया गया।