प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि जोधपुर में भाजपा के एक मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक एवं मानवाधिकार के मामले में राजस्थान सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाए, जबकि इस मामले में उनका खुद का रिकॉर्ड खराब रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा के इस मुख्यमंत्री के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री को राजधर्म का पालन करने की चेतावनी देनी पड़ी थी।
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी भाजपा नेताओं की तरह नकारात्मक राजनीति में विश्वास नहीं करती। उन्होंने ऐसी ताकतों को परास्त कर कांग्रेस को फिर सत्ता में लाने की अपील की।
प्रधानमंत्री बृहस्पतिवार को जयपुर के रामलीला मैदान में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भाजपा नेताओं पर विकास के आंकड़ों को तोड़ मरोड़कर पेश कर गुमराह करने का आरोप लगाए और लोगों से उनकी बातों में आने के बजाय सच्चाई जानकर ही मतदान करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि हम अपनी बात संजीदगी और शालीनता से रखते हैं और भाजपा के नेताओं की तरह हम विपक्षियों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने में विश्वास नहीं रखते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर राज्य का विकास और तेजी से होगा। भीलवाड़ा में मेमू कोच फैक्ट्री, बाडमेर में रिफाइनरी का प्रदेश के लोगों को भविष्य में लाभ मिलेगा। युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कौशल विकास के मामले में भाजपा ने गलत आंकडे पेश किए, जबकि केन्द्र सरकार ने कौशल विकास की कई योजनाएं शुरू कर रखी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विकास के मामले में जनता की कसौटी पर खरा उतरने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने प्रदेश का विकास तेजी से किया है और विकास की प्रक्रिया में केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने पूरा सहयोग दिया है। प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों पर गौर कर फैसला करें।
भीड़ रोकने का नया तरीका
कांग्रेस ने भीड़ रोकने का नया तरीका इजात किया है। प्रधानमंत्री की सभा पहले दोपहर तीन बजे प्रस्तावित थी और लोगों ने आना शुरू भी कर दिया था, लेकिन करीब दो घंटे की देरी के कारण लोगों का धैर्य जवाब दे गया। वे जब निकलने लगे, तो कांग्रेस ने उन्हें जबरन बैठाया। सुरक्षा में लगी पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के तर्क के तहत ऐसा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी था।