नाबालिग के साथ यौन शोषण के मामले फंसे आसाराम की परेशानियां फिलहाल खत्म होती नहीं दिख रही हैं।
मामले की जांच सीबीआई से और सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने की मांग को लेकर जोधपुर हाईकोर्ट में बुधवार को एक जनहित याचिका दायर की गई।
दिल्ली के अजय गौतम ने अपनी याचिका जोधपुर पुलिस पर जांच में ढिलाई बरतने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि अदालत की ओर से मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवा पाने के कारण सुनवाई को दो सप्ताह के लिए टाल दिया गया।
इसके अलावा जेल में बंद आसाराम के लिए विशेष भोजन व अन्य सुविधाओं को लेकर जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी। मेडिकल बोर्ड की अधूरी जांच रिपोर्ट के कारण मंगलवार को अदालत ने सुनवाई टाल दी थी।
आसाराम की ओर से कहा गया है कि उन्हें तीन बीमारियां है और इस कारण वे विशेष दवाएं मिलाकर भोजन लेते हैं। आसाराम की स्वास्थ्य रिपोर्ट के आधार पर अदालत फैसला देगी।
'आसाराम से न मिली हूं, न बात हुई'
इस मामले में नामजद आरोपी शिल्पी ने जोधपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई, जिसकी सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी।
इसमें शिल्पी की ओर से कहा गया है कि यह मुकदमा झूठा है। वह कभी आसाराम से नहीं मिली है और न ही उनसे कोई बात हुई है।
अर्जी में कहा गया है कि वह छिंदवाड़ा स्थित हॉस्टल की वार्डन नहीं, बल्कि संचालक है और इस पद पर उसकी भर्ती छह महीने पहले ही हुई है। पुलिस पूछताछ कर चुकी है और उससे कोई बरामदगी भी नहीं हुई है।