बेटा बेटी दोनों समान, चाहे यह कितनी बार दोहरा लिया जाये लेकिन लोगों की बेटी को बोझ समझने की मानसिकता खत्म होती नहीं दिखती। रोती बिलखती एक नवजात बच्ची को जिसका जन्म कुछ ही घंटे पहले हुआ था परिजन बैग में बंद कर मंदिर में लावारिस छोड़ गये।
यह मामला लालसोट के पक्काधोरा गांव का है। यहां स्थित हनुमान मंदिर के दरवाजे पर मंगलवार सुबह पुजारी मुरारीलाल को एक काला बैग टंगा हुआ मिला। बैग में से बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। पुजारी के बैग खोलने पर उसे कपड़ों में लिपटी एक नवजात बच्ची मिली।
तब मंदिर के पुजारी ने पुलिस को खबर की। पुलिस ने बच्ची को राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टर ने बताया कि बच्ची का जन्म कुछ ही घंटे पहले हुआ है और बच्ची पूर्ण रूप से स्वस्थ भी है। बाद में नवजात को जयपुर स्थित शिशु पालना गृह भेज दिया गया।
वहीं इस संबंध में लालसोट थाना प्रभारी ने बताया कि नवजात के माता-पिता की तलाश जारी है। मंदिर के पुजारी की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ नवजात को लावारिस छोड़ जाने का मामला दर्ज कराया गया है।