भामरवासी गांव में एसओजी की रेड
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आरोपी महिला अनिता पहले ही गिरफ्तार हो चुकी है। इस संबंध में एसओजी की ओर से बताया गया है कि उदयपुर जिले के बेकरिया थाने में दर्ज उक्त मामले में तफ्तीश के दौरान गिरफ्तार आरोपी अनिल उर्फ शेर सिंह की निशानदेही पर बगड़ थाना अंतर्गत भामरवासी गांव में एक मकान में मटके में डालकर जमीन में दबाए गए 19.50 लाख रुपये किए गए हैं। एसओजी के मुताबिक जहां से रकम बरामद की गई है। वह मकान इसी मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपी अनीता का पैतृक निवास स्थान है। अनिता विवाहित है और जयपुर के एक बैंक मैं कर्मचारी है। वह अनिल उर्फ शेरसिंह की ओर से पेपर लीक किए जाने सहित तमाम तरह की जानकारी रखती है। दोनों ने काली कमाई से प्रॉपर्टी भी साथ खरीद रखी है।
एसओजी की टीम शनिवार सुबह दो गाड़ियों में सवार होकर आई। टीम ने स्थानीय पुलिस से कोई सहयोग नहीं लिया। हालांकि सुबह के वक्त कुछ देर के लिए बगड़ थाने में रुके। बगड़ पुलिस को सिर्फ इतनी जानकारी दी कि उनके थाना क्षेत्र के किसी गांव में दबिश देनी है। इसके बाद टीम वहां से सीधी भामरवासी पहुंची। अनिता के घर की तलाशी ली। उसके माता पिता से पूछताछ की। इसके बाद आरोपी शेरसिंह की निशानदेही पर अनिता के खेत में मटके में दबाकर रखी रकम बरामद की। अनिता जयपुर में सी स्कीम स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में बतौर डिप्टी मैनेजर कार्यरत है।
पिछले साल नवंबर में बस में पेपर सॉल्व करते पकड़े थे 40 अभ्यर्थी पिछले साल नवंबर माह में सेकंड ग्रेड का पेपर लीक होने का मामला सामने आया था। तब उदयपुर के बेकरिया इलाके में जालोर से आ रही वीडियो कोच बस में करीब 40 अभ्यर्थी पेपर सॉल्व करते हुए रंगे हाथ पकड़े गए थे। पूछताछ में मास्टर माइंड भूपेंद्र सारण ने शेर सिंह मीणा का नाम उगला था। उसकी तलाश के दौरान महिला मित्र अनिता का नाम सामने आया। उससे गिरफ्तार करने पर शेरसिंह पकड़ा गया।
छह अप्रैल को ही ओडिशा से पकड़ा गया था शेरसिंह, छिपने के लिए बदला भेष
आरोपी शेरसिंह हाल ही में पांच अप्रैल को ओडिशा से पकड़ा गया था। वह ओडिशा के कालाहांडी जिले के भवानीपट्टनम गांव में एक स्कूल की निर्माणाधीन बिल्डिंग में दिहाड़ी रखे थे। दाढ़ी-मूंछे बढ़ाकर मजदूर के रूप में काम कर रहा था। उसने छिपने के लिए मजदूरों की तरह फटे मैले कपड़े पहन मजदूर बनकर रह रहा था। एक करोड़ रुपये में पेपर बेचने वाले आरोपी को इस तरह मजदूरी करते देख एक बारगी तो एसओजी टीम भी धोखा खा गई।
अब सुरेश ढाका की तलाश
बता दें कि आरोपी शेरसिंह ने ही पेपर लोक के सरगना भूपेंद्र सारण को एक करोड़ रुपये में पेपर बेचा था। मास्टरमाइंड भूपेंद्र सारण के पकड़े जाने के बाद पहली बार शेरसिंह के नाम का खुलासा हुआ था। इस मामले में अभी भी पेपर लीक का मास्टरमाइंड सुरेश ढाका की तलाश है। वो अभी भी फरार चल रहा है। आरोपी अनिल उर्फ शेर सिंह 17 अप्रैल तक पुलिस अभिरक्षा में है।