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Dholpur: सहेड़ी गांव में पैंथर की दहशत, पशुबाड़े में घुसकर 34 भेड़-बकरियों का किया शिकार, तलाश में जुटा वन विभाग

Sat, 26 Aug 2023 04:46 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर

सार

सहेड़ी गांव में बीती रात पैंथर के हमले में 16 भेड़ और 18 बकरियों की मौत हो गई। वहीं, 17 भेड़, बकरी घायल हुई हैं।
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घटना की जानकारी देते पशुपालक। - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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बाड़ी उपखंड के रामसागर बांध के किनारे सहेड़ी गांव में बीती रात पैंथर ने पशुबाड़े में हमला कर दिया। पैंथर ने पशुबाड़े में बंधी भेड़ और बकरियों का शिकार कर मार दिया। घटना में 16 भेड़ और 18 बकरियों की मौत हो गई। वहीं, 17 भेड़, बकरी घायल हुई हैं। सुबह पशुपालक को जैसे ही घटना की जानकारी हुई तो होश उड़ गए। घटना की जानकारी वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम मौका मुआयना किया है। पैंथरों के पद चिह्न खंगाल कर जांच शुरू कर दी है।

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घटना को लेकर पशुपालक मुंशी बघेल ने बताया उसके पशुवाड़े में करीब 50 से अधिक भेड़ बकरियां बंधी हुई थीं। बीती रात पैंथर ने पशुवाड़े में हमला बोल दिया। पैंथर द्वारा 16 भेड़ और 18 बकरियों का शिकार किया है। हमले में 17 भेड़ एवं बकरियां घायल हुई हैं। जिन में आठ की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। पशुपालक ने बताया घटना की सूचना वन विभाग को दी गई। 

वन अधिकारी किशोर गुप्ता ने बताया मामला घड़ियाल क्षेत्र का आता है। उन्होंने बताया वन विभाग की टीम को मौके पर भेज कर हालातो का जायजा लिया गया है। उन्होंने बताया पैंथर द्वारा किसान के पशुवाड़े में हमला किया है। करीब 34 भेड़ बकरियों की हमले में मौत हुई है। उन्होंने बताया वन विभाग की टीम ने घटना की जान शुरू कर दी है। पैंथर के पद चिन्ह खंगाल कर तलाश की जा रही है। डीएफओ गुप्ता ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा के वन क्षेत्र होने की वजह से हिंसक जानवर सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने कहा ग्रामीण सावधानी बरतें। अंधेरा होने पर घरों से बाहर नहीं निकले। वन क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। हिंसक जानवरों पर निगरानी रखी जाएगी।
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घटना से ग्रामीणों में दहशत
गांव सहेडी में पैंथर द्वारा हमला किए जाने से ग्रामीणों में दशहत फैल गई है। ग्रामीणों ने बताया पूर्व में भी पैंथर और टाइगर हमले कर चुके हैं। विगत साल नवंबर के महीने में किसान और पैंथर का मुकाबला भी हुआ था। हमले में किसान गंभीर रूप से जख्मी हुआ था। फिलहाल घटना से ग्रामीणों में भारी भय व्याप्त है। वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों में रोष भी देखा जा रहा है।

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